ये भी रैंक फिसलने का कारण... काठमंडी क्षेत्र में लगा कचरे का ढेर।
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चरखी दादरी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में अपना स्वर्ण कायम रखने के लिए नगर परिषद ने अपनी व्यवस्थाएं व सुविधाओं को बढ़ाया, लेकिन जनता ने इसमें कोई खास रुचि नहीं दिखाई। इसके चलते चरखी दादरी नगर परिषद से स्वर्ण छीन गया और कांस्य से संतोष करना पड़ा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के परिणाम में नॉर्थ जोन में जिला पहले से तीसरे नंबर खिसका गया। इसके साथ ही रैकिंग भी 42 से पिछड़कर 43 हो गई। नप अधिकारियों का कहना है कि जो खामियां इस बार उजागर हुई हैं, अगले सर्वे को लेकर उन पर काम अभी से शुरू कर दिया जाएगा।
शहरों की सफाई व्यवस्था को भांपने के लिए केंद्र सरकार ने एक सर्वे करवाया था। इसके तहत सरकार की हायर एजेंसी ने प्रत्येक शहर में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए औचक निरीक्षण करने पहुंची थी। इस सर्वे का परिणाम शनिवार शाम जारी कर दिया है। चरखी दादरी को इसमें 43वीं रैंक मिली है और कांस्य पदक हासिल किया। पिछले सर्वेक्षण में 42वीं रैंक मिली थी और चरखी दादरी नगर परिषद स्वच्छता के मामले में 50 हजार से एक लाख की आबादी वाले शहरों की सूची में पहले स्थान पर रही थी।
शहर की आबादी करीब 80 हजार है और आबादी के अनुरूप सफाई कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त है। हालांकि कुछ वार्डों का दायरा बढ़ा होने के चलते वहां सफाई कर्मचारियों की कमी बनी है। कचरे उठान के लिए नगर परिषद के करीब 40 वाहन लगे हुए हैं। प्रतिदिन शहर से 15 ट्रॉली और 50 ऑटो टीपर कचरा निकलता है और इसका निस्तारण रानिया वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर किया जाता है। वहां नगर परिषद द्वारा कचरे का निस्तारण का भी करवाया जा रहा है। सभी वार्डों के लोगों को डोर टू डोर कचरा उठान सेवा का लाभ मिल रहा है।
पिछले साल मिला था फास्टर मूवर का अवॉर्ड
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में चरखी दादरी ने 839 पायदानों की सबसे लंबी छलांग लगाई थी। 2019 में चरखी दादरी को 850वीं रैंक मिली थी, जबकि 2020 में 50 हजार से एक लाख आबादी वाले शहरों की सूची में दादरी को 11वीं रैंक मिली थी। उत्तर-भारत के शहरों में चरखी दादरी पहले स्थान पर रहा था। 2020 में लंबी छलांग लगाने पर चरखी दादरी को फास्टर मूवर का अवार्ड भी मिला था।
ये है नप के पास संसाधन
संसाधन संख्या
ट्रैक्टर-ट्रॉली 5
ऑटो टीपर 23
ई-रिक्शा 20
लोडर 01
स्वीपिंग मशीन 01
मोबाइल टॉयलेट 02
सफाई कर्मचारी 220
वर्जन::
नगर परिषद स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है। अगले साल शहर की रैंक और बेहतर लाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। मेरी अपील है कि लोग गीला और सूखा कचरा पृथक कर ही निस्तारण करें। लोगों के सहयोग से ही शहर की रैंकिंग को और बेहतर किया जा सकता है। दादरी में क्रशर जोन हैं, जिससे धूल मिट्टी की समस्या है। सिटीजन फीडबैक के साथ साथ यह भी अंक कटने का प्रमुख कारण रहा।
प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद