हरियाणा के चरखी दादरी के शहीद उद्यम सिंह सिविल अस्पताल में 26 साल में पहली बार सोमवार को एमआरएफ (मॉडिफाई रेडिकल मेसेक्टमी) सर्जरी की गई, जो सफल रही। अब तक मरीजों को इस सर्जरी के लिए दूसरे जिलों की भागदौड़ करनी पड़ती थी। सोमवार को डॉ. सुदर्शन पंवार सहित छह सदस्यीय मेडिकल टीम ने 40 वर्षीय कैंसर पीड़िता का ऑपरेशन किया। ढ़ाई घंटे चले इस ऑपरेशन में महिला के बाएं तरफ की छाती निकाली गई है, ताकि कैंसर का फैलाव न होने पाए।
सिविल अस्पताल में पहली बार एमआरएम सर्जरी करने वाली टीम की अगुवाई स्वयं सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने की। उनके अलावा टीम में डॉ. नरेश, डॉ. अनिल, जगवंती और सुनील आदि मेडिकल स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
सिविल अस्पताल में अब तक माइनरी सर्जरी की ही सुविधा थी, लेकिन सोमवार को पहली बार हुई एमआरएम सर्जरी सफल रहने से भविष्य में इस सेवा का लाभ जिला अस्पताल में ही मिलने का रास्ता साफ हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एमआरएम सर्जरी मामूली सर्जरी नहीं बल्कि मेजर सर्जरी है। लेकिन अब सिविल अस्पताल में भी यह सर्जरी करने का रास्ता साफ हो गया है।
सिविल अस्पताल पर 172 गांवों और शहर की करीब साढ़े पांच लाख की आबादी निर्भर है। यहां बड़ी सर्जरी शुरू होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद भी जगी है। उच्चाधिकारियों की तरफ से यहां संसाधन और विशेषज्ञों की कमी को दूर किया जाए तो अन्य बड़े ऑपरेशन की सुविधा भी यहां शुरू हो सकती है।
सिविल अस्पताल में हुई पहली एमआरएम सर्जरी सफल रही। करीब ढाई घंटे तक ऑपरेशन चला और इसमें मेरी टीम की अहम भूमिका रही। भविष्य में भी सिविल अस्पताल में इस तरह की सर्जरी की जाएगी। -डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ।