7 कितलाना टोल पर सीएम के पुतले की शव यात्रा निकालते किसान।
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चरखी दादरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना और मुख्यमंत्री मनोहर के कड़वे बोल किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा कर रहे हैं। यह बात निर्दलीय विधायक और खाप सांगवान चालीस के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान किसानों व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी ने कितलाना टोल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालकर दहन किया।
विधायक सांगवान ने कहा कि किसान आंदोलन पिछले 314 दिन से बेहद शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और सरकार कई बार इसे दबाने और कुचलने के प्रयास कर चुकी है। इन दोनों घटनाओं के पीछे सरकार का कोई बहुत बड़ा खेल नजर आ रहा है जिससे सचेत रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद बेहद गरिमा का होता है, जिसकी जिम्मेदारी होती है कि वे प्रदेश के लोगों का कल्याण करे। दुर्भाग्य है कि मुख्यमंत्री इस पद के लिए ली गई शपथ को भूल गए हैं और लोगों को आपस में भिड़वाने के लिए लठ उठाने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान मजदूर मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों की मंशा को समझ गए हैं, लेकिन हम अहिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे और अपना आंदोलन शांतिप्रिय ढंग से जारी रहेंगे।
किसान नेता सत्यवान बलियाली ने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों की ताकत को ललकारने की भूल न करें। उन्होंने कहा कि किसान के जवान बेटे ही देश की सरहद की रक्षा कर रहे हैं ऐसे में मुख्यमंत्री का बयान दोनों को चुनौती देने वाला है, लेकिन मुख्यमंत्री इसके परिणाम से अनभिज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बर्खास्तगी होनी चाहिए, ताकि संविधान की रक्षा हो सके।
कितलाना टोल पर धरने के 284वें दिन सांगवान खाप के सचिव नरसिंह सांगवान डीपीई, श्योराण खाप के प्रधान बिजेंद्र बेरला, युवा कल्याण संगठन के सुभाष यादव, रामकिशन चरखी, बिमला कितलाना, रतन्नी देवी, कृष्णा, फुला देवी ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने लखीमपुर खीरी घटना के दोषियों पर 302 का मुकदमा बनाने के साथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिस्र को बर्खास्त कर मुकदमा बनाने की मांग की।
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कितलाना टोल पर शव यात्रा निकालते किसान।