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डिप्टी सीएम ने तलब की सात साल से बंद अल्ट्रासाउंड मशीन की ऑडिट रिपोर्ट

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सिविल अस्पताल में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष। - फोटो : CharkhiDadri
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डिप्टी सीएम ने तलब की सात साल से बंद अल्ट्रासाउंड मशीन की ऑडिट रिपोर्ट
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सीएमओ को दिए बाढड़ा में 100 बैड के अस्पताल का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश, जिले में बनी विशेषज्ञों की कमी की रिपोर्ट भी सौंपेगा विभाग
चरखी दादरी। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के समक्ष शुक्रवार को जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। इस पर संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य विभाग से पिछले छह सालों से बंद अल्ट्रासाउंड मशीन की ऑडिट रिपोर्ट तलब कर ली है जबकि सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार को बाढड़ा में 100 बैड का अस्पताल निर्माण का प्रपोजल तैयार करने के आदेश भी दिए हैं। इसके अलावा डिप्टी सीएमओ ने जिले में बनी विशेषज्ञों की कमी पर भी स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी है और डीसी प्रदीप गोदारा को इन सभी आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए है।
गौरतलब है कि चरखी दादरी सिविल अस्पताल में पिछले छह साल से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद है। गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी केंद्रों से करार किया हुआ है। सिविल अस्पताल से महिलाओं को इन निजी केंद्रों पर भेजा जा रहा है। वहां होने वाले अल्ट्रासाउंड का खर्च तो विभाग वहन कर रहा है, लेकिन गर्भवती महिलाओं को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, पुरुष मरीजों को तो भिवानी या रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है। सरकार की निशुल्क अल्ट्रासाउंड सेवा का लाभ उठाने के लिए पुरुष मरीजों को 150 से 200 रुपये किराया भरने के अलावा पूरा दिन भी खपाना पड़ रहा है जबकि अगर अस्पताल में यह सुविधा हो तो उन्हें परेशानी नहीं झेलनी पडे़।
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शुक्रवार को दादरी पहुंचे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के समक्ष पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने बेपटरी स्वास्थ्य सेवाओं का दुखड़ा रोया और उन्हें जिले में बने विकट हालातों से अवगत करवाया। पूर्व मंत्री ने कहा कि मैंने सिविल अस्पताल को उस दौरान की सबसे महंगी अल्ट्रासाउंड मशीन दिलाई थी, लेकिन मशीन लंबे से वर्किंग में नहीं है और विभाग के पास अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट तक नहीं है, जिसके चलते मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम ने सीएमओ को आदेश दिए कि अल्ट्रासाउंड मशीन की ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर उन्हें भेजें। अगर मशीन वर्किंग में नहीं है तो नई मशीन की डिमांड भेजी जाए और विशेषज्ञ की तैनाती भी की जाए। इसके अलावा उन्होंने अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट समेत सभी विशेषज्ञों की सूची उन्हें भेजने के आदेश दिए हैं।
- एक माह में औसतन होते हैं 400 से अधिक अल्ट्रासाउंड
दादरी सिविल अस्पताल की बात करें तो जिस समय मशीन वर्किंग में थी उस दौरान प्रतिदिन करीब 20 से 25 अल्ट्रासाउंड होते थे। दैनिक 20 मरीज भी मानें तो सिविल अस्पताल में एक माह के दौरान 20 वर्किंग दिनों में करीब 400 से अधिक अल्ट्रासाउंड होते थे। अब प्रतिदिन चार से पांच गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड के लिए पर्ची थमाकर भेजा जा रहा है।
- नपा का दर्जा मिलने के साथ बाढड़ा को बड़ा अस्पताल भी मिलने की संभावना
हाल ही में सरकार ने बाढड़ा को नगर पालिका का दर्जा दिया है। शुक्रवार को डिप्टी सीएम ने सीएमओ को बाढड़ा में 100 बैड का अस्पताल बनाने का प्रपोजल तैयार करने के आदेश भी दिए। इस पर सीएमओ ने कहा कि गत विधानसभा सत्र में भी यह मामला उठा था और बाढड़ा में 100 बैड का अस्पताल शुरू करने की योजना कुछ हद तक विभाग पहले ही तैयार कर चुका है। फिलहाल बाढड़ा में पीएचसी है जबकि इसके निकट स्थित गोपी में हाल ही में सीएचसी का नया भवन बना है।
- जिले में इन विशेषज्ञों की कमी
दादरी जिले में विशेषज्ञों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। जिले ने कोरोना की तीनों लहरों से फिजिशियन के बिना ही जंग जीती है। इसके अलावा जिले में बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी व अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट समेत विशेषज्ञों के करीब दस पद रिक्त हैं और इनकी मांग फिर से विभाग मुख्यालय भेजेगा।
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वर्जन::
अल्ट्रासाउंड मशीन लंबे समय से वर्किंग में नहीं है और हम जल्द इसकी रिपोर्ट तैयार कर भेज देंगे। इसके अलावा डिप्टी सीएम ने बाढड़ा में 100 बैड के अस्पताल का प्रपोजल तैयार करने के हमें आदेश दिए है और जल्द हम प्रपोजल तैयार कर लेंगे।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सिविल सर्जन, चरखी दादरी
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