वीरवार रात शहर के बस स्टैंड रोड पर लड़ते गोवंश।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। कागजों में दो साल पहले दादरी शहर कैटल फ्री हो चुका है, लेकिन धरातल की सच्चाई है कि शहर की सड़कों पर लावारिस पशुओं की भरमार है। सड़कों और गलियों में घूम रहे लावारिस पशु हर रोज हादसों का कारण बन रहे है। पिछले अगर तीन साल की बात करें तो पांच लोग पशुओं के कारण हुए हादसों में जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। सड़कों और गलियों में सांड़ों की लड़ाई आम बात हो गई है और लोगों को काफी नुकसान भी होता है। अब तक जिला प्रशासन और नगर परिषद अधिकारी शहर को लावारिस पशुओं से राहत नहीं दिला पाए हैं। शहर में अलग-अलग जगह सड़कों पर लड़ रहे सांड़ों की फोटो मौजूदा स्थिति बयां कर रही है और प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
नंदीशाला में 230 तो शहर की सड़कों पर 500 से ज्यादा गोवंश
दादरी शहर में गोवंशों के लिए अग्रसेन धर्मशाला के सामने एक नंदीशाला की व्यवस्था की गई है। इसकी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी एक संस्था संभाल रही है जबकि पहले यह दारोमदार नगर परिषद के कंधों पर था। एक सप्ताह पहले एक दिन अभियान चलाकर 70 गोवंश पकड़े गए थे। जिसके बाद नंदीशाला में जगह नहीं बची थी। सड़कों पर 500 से अधिक गोवंश घूम रहे हैं जबकि इन्हें पकड़कर रोकने के लिए नंदीशाला में जगह का अभाव है।
हादसों का शिकार बनने से गोवंश भी तोड़ रहे दम
जिले की अगर बात करें सड़क हादसों और बिजली करंट लगने से गोवंशों की मौत के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले छह माह की अगर बात करें तो हादसों में अलग-अलग हादसों में 30 गोवंशों की मौत हुई है। गोभक्त मौके पर पहुंचकर अपने स्तर पर ही इन गोवंशों को मिट्टी देते हैं। पिछले दो माह में शहर में करंट लगने से पांच गोवंश दम तोड़ चुके हैं और इससे गोभक्तों में रोष है।
नंदीशाला में जगह की कमी के चलते अभियान बंद है। मैं जल्द ही गोशाला संचालकों के साथ बैठक करूंगी, जिसमें गोवंशों को पकड़कर रखने की समस्या का समाधान किया जाएगा। हम इसके लिए योजना तैयार कर रहे हैं।
सुमनलता, ईओ, नगर परिषद
घिकाड़ा रोड की ओर जाने वाली गली में लड़ते गोवंश और मौजूद राहगीर।- फोटो : CharkhiDadri