चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने शुक्रवार दोपहर को शहर के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र और रावलधी के खाद-बीज केंद्रों पर छापा मारा। ढाई घंटे चली कार्रवाई के दौरान दो दुकानों से टीम ने प्रतिबंधित और एक्सपायरी डेट की दवा बरामद कीं। इस दौरान कृषि और गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम भी साथ रही। जब्त की दवाओं को कृषि विभाग अधिकारियों ने सैंपल लेकर अपने कब्जे में ले लिया। सैंपल रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे एसआई राजबीर सिंह की अगुवाई में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता दादरी पहुंचा। इसके बाद कृषि विभाग और गुप्तचर विभाग के कर्मचारियों को साथ लेकर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता दोपहर 2:50 पर पहले पुराना बस स्टैंड क्षेत्र स्थित मित्तल एग्रीकल्चर स्टोर पर पहुंचा। करीब डेढ़ घंटे तक टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान वहां प्रतिबंधित 11 किलोग्राम फोरेट मिली।एक्सपायरी डेट की दवा के साथ बिना किसी कंपनी के मार्का के बीज के 100 से अधिक पैकेट मिले। पूछताछ के दौरान दुकानदार ने बताया कि वह फोरेट दवा दिल्ली की इंद्रा मार्केट से लाया था।
इसके बाद टीम रावलधी स्थित अवनी खाद व बीज भंडार पर पहुंची। टीम को यहां प्रतिबंधित जेसमेट और राम फोरेट की पैकिंग मिली। यहां से टीम ने चार किलोग्राम की पांच और एक-एक किलोग्राम की चार पैकिंग को अपने कब्जे में लेकर दवाओं के सैंपल भरे। दुकानदार ने बताया कि उसे यह पैकिंग सासरौली निवासी एक व्यक्ति दे गया था। चार किलोग्राम की पैकिंग उसे 280 रुपये में दी गई और उसने ये पैकिंग 300 रुपये में बेची है। वहीं, एक किलोग्राम की पैकिंग उसने 50 रुपये में खरीदकर 70 रुपये में बेची। कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग की ओर से एसडीओ कृष्ण कुमार व एपीपीओ जगरूप सिंह, गुप्तचर विभाग की तरफ से डीआई जलधीर फौगाट मौजूद रहे। वहीं, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते में एसआई जगत सिंह, एएसआई सहदेव व नरेंद्र आदि शामिल रहे।
गेहूं में स्प्रे के काम में आती है फोरेट
कृषि विभाग के एसडीओ कृष्ण कुमार ने बताया कि फोरेट प्रतिबंधित दवा है। यह दीमक से बचाव के लिए प्रयोग होती है और किसान गेहूं की फसल में इसका स्प्रे करते हैं। उन्होंने बताया कि यह दवा बेचने पर बैन है और जांच के लिए दवा के सैंपल लिए गए हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर हमने कृषि विभाग और गुप्तचर इकाई के साथ मिलकर खाद-बीज की दो दुकानों पर छापा मारा। इस दौरान प्रतिबंधित दवाएं भी मिलीं और उन्हें कृषि विभाग की टीम ने सैंपल लेने के बाद अपने कब्जे में ले लिया। आगे भी टीम की छापामारी जारी रहेगी।
- राजबीर सिंह, एसआई, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता।