फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेढ़ माह की मासूम की हत्या के बाद भी मां के माथे पर नहीं थी कोई शिकन

विज्ञापन
मा द्वारा डेढ़ माह की बच्ची की हत्या मामले में कार्रवाई करती पुलिस। संवाद - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
संजय वर्मा
विज्ञापन

भिवानी। अपनी डेढ़ माह की बच्ची जीया की जान लेने के बाद भी वैशाली के माथे पर शिकन तक नहीं थी और न ही उसे कोई पछतावा था। वारदात के बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने जब महिला से सवाल किया कि बेटी को क्यों मारा तो वह झट से बोली कि इसे तो मरना ही था। मासूम बेटी की हत्या के बाद आरोपी महिला की करतूत से उसका पति भी सहमा हुआ है। उसे भी डर है कि उसकी पत्नी बेटी की तरह उसे भी मार देगी। इस मामले में पुलिस का कहना है कि पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद के बाद महिला ने गुस्से में यह कदम उठाया, जबकि आरोपी महिला के पति का दावा है कि अंधविश्वास की वजह से वैशाली ने बेटी को मार डाला। हालांकि उसने किसी तांत्रिक का नाम नहीं लिया है।
दिल दहला देने वाला यह वाकया शहर के पीपलीवाली जोहड़ी न्यू आंबेडकर कॉलोनी का है। जहां मंगलवार की रात डेढ़ माह की मासूम पर अमंगल भारी पड़ गया। कॉलोनी का युवक मोहन जून 2020 में भिवानी की ही वैशाली को प्रेम विवाह कर अपने घर लाया था। शुरुआत में उनकी गृहस्थी ठीकठाक चल रही थी, लेकिन उसे नहीं मालूम था कि उसकी पत्नी के जहन में क्या षड्यंत्र चल रहा है। डेढ़ माह पहले मोहन के घर एक बेटी हुई और उसका नाम भी चाव से जीया रखा गया। पूरा परिवार खुश था, लेकिन बेटी के पैदा होने के बाद वैशाली खुश नहीं थी। मोहन ने बताया कि उसकी पत्नी मांगलिक थी, इसका उसे पता नहीं था। अगर पता होता तो भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन वैशाली ने मांगलिक होने का दूसरा ही मतलब निकाल लिया। शादी से पहले वैशाली और उसकी मां किसी तांत्रिक के संपर्क में थी। तांत्रिक ने वैशाली को बताया था कि उसकी शादी के एक साल के अंदर ही उसके पति की मौत हो जाएगी। पहले पति की मौत के बाद वह दूसरी शादी करेगी तो उसकी जिंदगी खुशहाल होगी। मोहन से शादी होने के बाद भी वैशाली ने किसी को अपने मंसूबों की कोई भनक तक नहीं लगने दी। वैशाली पति मोहन के साथ रहते हुए दूसरी शादी के बारे में सोचती थी। इसी बीच जीया उसकी जिंदगी में रुकावट बनकर आ गई। जीया को दूसरी शादी में अड़चन बनता देख वैशाली ने उसे मारने का फैसला लिया। जीया की मौत को भी सामान्य या दम घुटने से दिखाने का भी वैशाली ने प्रयास किया, मगर पति मोहन को पत्नी की साजिश का पता चल गया था। मासूम बच्ची के गले पर पुलिस को निशान भी मिले हैं।
विज्ञापन

पिता बोला, कड़ी से कड़ी सजा मिले
मासूम बेटी को खो देने के बाद मोहन का कहना है कि हत्यारी मां को इस जघन्य अपराध के लिए कानून कड़ी से कड़ी सजा दे, ताकि भविष्य में कोई भी कलियुगी मां ऐसा कदम न उठाए। मोहन ने बताया कि उसे भी अपनी पत्नी से जान का खतरा है। उसके साथ भी उसकी पत्नी कुछ भी कर सकती है। वह अपनी बेटी की हत्या करने वाली मां को कानून से कड़ी सजा दिलाने का हर संभव प्रयास करेगा। (संवाद)
ऐसे मामलों में तांत्रिकों पर भी हो कार्रवाई : डॉ. अनुपमा
शहर की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा धमीजा ने बताया कि यह अज्ञानता में उठाया गया गंभीर कदम है। ऐसे मामलों में तांत्रिक व तथाकथित बाबाओं पर भी संगीन आपराधिक धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। आमतौर पर तांत्रिकों व बाबाओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। जिससे समाज में ये लोग भोलेभाले लोगों को अपना शिकार बनाकर उनकी जिंदगी बर्बाद करते रहते हैं। इनसे बचना चाहिए।
अच्छी काउंसिलिंग की जरूरत
ऐसे लोगों की शिक्षा का स्तर कम और इच्छाएं अधिक होती हैं। उन्हें बहकाना भी आसान हो जाता है। कई बार तो जिंदगी बेहतर बनाने का सब्जबाग दिखाने वाले आर्थिक प्रलोभन से उनका जीवन संवारने का झांसा देते हैं। मगर उनकी बात नहीं बनती तो फिर वे गंभीर अपराध की तरफ धकेलने में भी नहीं हिचकते। ऐसी मानसिकता से उबरने के लिए अच्छी काउंसिलिंग व आपसी रिश्तों में विश्वास बनाए रखना बहुत जरूरी है।
विज्ञापन

-डॉ. राकेश वर्मा, मनोविज्ञान विभाग के सहायक व्याख्याता, राजकीय महाविद्यालय भिवानी।
पति-पत्नी का आपसी विवाद, अलग रहने के लिए बनाया था शपथपत्र
पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद हो गया था। दोनों ने अलग-अलग रहने के लिए भी शपथपत्र तैयार कराए हुए थे, लेकिन लड़की को रखने को लेकर बहस हो गई थी। इसी गुस्से में महिला ने यह कदम उठा लिया। अगर तांत्रिक संबंधी कोई बात सामने आती है तो उस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है।
- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी, हेडक्वार्टर भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें