भिवानी। जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम की करवट बदलने से पारा लुढ़क गया। हवा में प्रदूषण से भी थोड़ी राहत मिल गई। बुधवार सुबह करीब चार बजे शुरू हुआ हल्की बूदाबांदी का सिलसिला दिनभर चला। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश रबी की फसलों के लिए लाभदायक है।
भिवानी ब्लॉक में सात एमएम दर्ज की गई। सिवानी, बहल में 10-10 एमएम बारिश दर्ज की गई। लोहारू में आठ, तोशाम में पांच, बवानीखेड़ा में दो एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तेज हवाओं की वजह से सर्दी भी बढ़ गई। हल्की बारिश से शहरी जनजीवन प्रभावित हुआ वहीं फसलों के लिए बारिश वरदान बनकर बरसी।
फसलों में इसका बहुत फायदा मिलेगा और किसानों को पानी की एक सिंचाई भी नहीं करनी पड़ेगी। बारिश के बाद फसलों में भी अच्छी बढ़वार होगी, क्योंकि गेहूं व सरसों की फसल के साथ चारे की फसल में भी इसका अत्यधिक लाभ पहुंचेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वीरवार को भी मौसम ऐसा ही बना रहेग। दिनभर हल्की बारिश की वजह से धूप भी नहीं निकली और लोग भी शीत लहर से बचने के लिए घरों के अंदर ही दुबके रहे। सरकारी कार्यालयों के कामकाज पर भी बारिश का असर पड़ा।
मंगलवार को एक्यूआई 286 दर्ज किया गया था, लेकिन शुक्रवार को बारिश के बाद एक्यूआई दोपहर तक 269 तक पहुंचा। इस वजह से हवा में प्रदूषण से भी राहत मिली। हल्की बारिश के दौरान ही शहर की सड़कों पर पानी जमा हो गया। बारिश के दौरान ही चल रही ठंडी हवाओं ने शीत लहर का असर बढ़ा दिया और जीवन पर भी इसका बुरा असर पड़ा। लोग ठिठुरन से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखे।
नहीं करने पड़ेगी सिंचाई : डॉ. मुरारीलाल
कृषि विभाग केंद्र के बागवानी विशेषज्ञ डॉ. मुरारीलाल ने बताया कि बारिश से रबी फसलों को फायदा मिलेगा। जिससे किसानों को सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी और फसलों में बढ़वार भी नहीं रुकेगी। बारिश के बाद बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी टल जाएगा, क्योंकि इस समय कई फसलों में किसानों को काफी दिक्कतें आ जाती हैं, अगर कोई भी किसान अपनी फसल में किसी भी तरह की बीमारी संभावित लक्षणों को देखता है तो तुरंत इसके संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचकर विशेषज्ञ से सलाह लेकर उसका निवारण कर सकता है।
बहल मेें हुई सात एमएम बारिश
बहल। रिमझिम बारिश फसलों के लिए सोना बनकर बरसी। सुबह करीब चार बजे शुरू हुई बारिश दिनभर चली। बुधवार को लगी रिमझिम बारिश से दिन का तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 15 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं, बुधवार रात में भी तापमान दो प्रतिशत की गिरावट के साथ करीब दो प्रतिशत कम होकर 8 प्रतिशत तक होने का आसार है।
तापमान से गिरावट के कारण दिन भर लोगों का आवागमन बहुत कम रहा व अपने घरों में दुबके रहे। कसानों का मानना है कि मौसम विभाग ने आठ जनवरी तक बारिश बताई है। ऐसे में समय पर बारिश होने से सरसों, गेहूूं व चने की फसल के अलावा फूल गोभी, हरी मिर्च व आलू की फसल में बहुत ज्यादा फायदा होगा।
सरसों को बढ़ा है इस बार करीब 20 प्रतिशत ज्यादा रकबा
सरसों के भाव अच्छे होने पर इस बार बहल क्षेत्र में सरसों के रकबे में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस बार बहल क्षेत्र में करीब 19500 हैक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई है। इसके अलावा करीब 7500 हैक्टेयर में गेहूं व 250 हैक्टेयर में चने की फसल की बिजाई हुई है। वहीं, कुछ रकबे में जौ और बाकी में फूल गोभी, हरी मिर्च व आलू की सब्जियां भी शामिल हैं।
बूंदाबांदी होने से फसल को मिली संजीवनी
कैरू। क्षेत्र के गांव देवराला, धारवानबास, खारियाबास सुंगरपुर, कैरू, लेघां, लोहानी, मनसरबास, शिमली, इंदीवाली, नंदगांव, इरवाई आदि गांवों में अलसुबह से लेकर दोपहर तक हल्की बूंदाबांदी चलती रही। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बारिश से मुरझाई गेहूं, सरसों की फसल में संजीवनी बूटी डाल दी।
बच्चों व बुजुर्गों का रखें ध्यान
ठंड को देखते हुए सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखना होगा और उन्हें ठंड से बचाना होगा। गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें, गुनगुना पानी पीएं, ताजा खाना खाएं, यदि आवश्यक न हो तो घर पर ही रहें, जब बाहर निकले तो शरीर को पूरी तरह ढंककर ही निकले, कानों को खुला न छोड़ें टोपी या मफलर का इस्तेमाल करें।
-संदीप दुचानियां ,सीएचसी चिकित्सा अधिकारी कैरू।