भिवानी। बिना आरएमपी डिग्री के एलोपैथिक दवाइयों से मरीजों का उपचार करने के मामले में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। मामला गांव उमरावत का है। जहां रेवाड़ीखेड़ा निवासी जयबीर यहां अवैध रूप से क्लीनिक चला रहा था। इस संबंध में सदर पुलिस ने धोखाधड़ी व संबंधित एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. श्वेताभ रंजन के साथ मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह के साथ गांव उमरावत में शनिवार सुबह करीब 11 बजे छापा मारा। इस दौरान टीम को गांव में एक दुकान के अंदर अवैध क्लीनिक चलता हुआ मिला। इस क्लीनिक में चिकित्सा उपकरण और एलोपैथिक दवाइयों का स्टॉक भी मिला। इस क्लीनिक को गांव रेवाड़ीखेड़ा निवासी जयवीर चला रहा था। जिसने ये दुकान मुकेश से दो हजार रुपये महीना किराये पर ले रखी थी। उसके पास आरएमपी डिग्री और चिकित्सा उपकरणों के साथ दवाइयों के स्टॉक संबंधी कोई रिकार्ड नहीं मिला। वहीं मौके से टीम ने 11 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयों को भी सील कर दिया। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के सब इंस्पेक्टर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व एनएमसी अधिनियम 2019 की धारा 30, 34 के तहत केस दर्ज किया है।