कॉलेजों में दाखिले के नाम पर राजनीति शुरू हो गई है। सोमवार को शिक्षा बोर्ड के सामने एनएसयूआई ने प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन 10वीं और 12वीं ओपन के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर किया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने दावा किया कि कम नंबर होने के कारण उन बच्चों के कॉलेज में दाखिले नहीं हो पाएंगे। उन्होंने रिजल्ट सुधारने के लिए पांच दिन का अल्टीमेटम बोर्ड को दिया है। जबकि दाखिले के लिए आवेदन करने के केवल तीन दिन ही शेष हैं।
कोरोना महामारी के चलते इस बार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने परीक्षाएं नहीं ली। रिजल्ट जारी करने के लिए बोर्ड ने स्कूलों की असेसमेंट के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी किया था। मगर जिन बच्चों ने ओपन से आवेदन किया था, उनकी असेसमेंट नहीं हो पाई। इस कारण बोर्ड ने किसी भी बच्चे को फेल न करते हुए उनको पासिंग मार्क्स दे दिए। इसी के विरोध में सोमवार को कांग्रेस की छात्र विंग एनएसयूआई ने शिक्षा बोर्ड के बाहर प्रदर्शन किया और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव हितेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव विकास बुल्ला ने की। ज्ञापन में कहा गया कि रिजल्ट खराब होने के कारण ओपन से 12वीं करने वाले छात्र कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाएंगे। इसलिए रिजल्ट सुधारा जाए। इस अवसर पर यशवंत मलिक कृष्ण सैनी, अंकित, अजय उपसति रहे।
पांच दिन का दिया अल्टीमेटम
विवेक बुल्ला ने बोर्ड प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है कि अगर रिजल्ट नहीं सुधारा गया तो वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। जबकि दाखिले के लिए आवेदन करने के केवल तीन ही दिन बचे हैं। अगर बोर्ड 5 दिन बाद उनकी मांग मान लेता है और रिल्जट में सुधार करता है तो उसमें भी समय लगेगा। ऐसे में भी उन बच्चों का दाखिला तो हो नहीं पाएगा।
एक महीने पहले जारी हुआ था रिजल्ट
बोर्ड को रिजल्ट जारी किए हुए लगभग एक महीना हो गया है। 26 जुलाई के रेगुलर का और उसके कुछ दिन बाद ही ओपन का रिजल्ट जारी कर दिया गया था। मगर उस समय कोई विरोध नहीं किया गया। अब जब दाखिलों के आवेदन के लिए मात्र तीन ही दिन बचे हैं तो प्रदर्शन कर पांच दिन का अल्टीमेटम दिया जा रहा है। वहीं इस बारे में जब विवेक बुल्ला से बात की गई तो वो इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।