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एनजीटी के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, नहीं थमा ईंट भट्ठों पर चिमनियों का धूआं, हवा में घुल रहा प्रदूषण का जहर

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भिवानी। एनजीटी के आदेशों के बावजूद भी जिले में ईंट-भट्ठों की चिमनियों का धुआं नहीं थमा है। भिवानी में एक्यूआई 462 से थोड़ा कम होकर 341 पर आ टिका हैं, लेकिन फिर भी जिला रेड जोन से बाहर नहीं हुआ है। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण ने जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों की भी नींद उड़ा दी है। हालांकि हवा में धूल कणों को कम करने के लिए सड़कों व प्रदूषण संभावित इलाकों में पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है। शहर में भी वाहनों की वजह से भी प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
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भिवानी जिले में करीब साढ़े तीन सौ से अधिक ईंट-भट्ठे चल रहे हैं। एनजीटी के आदेशों के बाद क्रशर जोन व ईंट-भट्ठों को भी अनिश्चित काल के लिए बंद करा दिया गया है। मगर इन आदेशों के बावजूद भी अधिकतर ईंट भट्ठों की चिमनियों से धुआं उठ रहा है। हालांकि क्रशर जोन व ईंट-भट्ठों की निगरानी के लिए भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपी है, मगर ठीक प्रशासन के नाक तले प्रदूषण नियमों की खुलेआम धज्जिया उड़ाई जा रही हैं। शहर में कूड़े के ढेर को भी खुलेआम आग लगाकर प्रदूषण का स्तर बढ़ाया जा रहा है, जबकि नगर परिषद और प्रशासन ऐसे लोगों पर भी कोई नकेल नहीं कस रहा है। हालांकि नप के सफाई कर्मचारी खुद कचरे को आग के हवाले करने में भी नहीं हिचक रहे हैं। उन्हें शायद यह मालूम नहीं है कि जो हवा में जहर घुल रहा है वह भी जाने अनजाने अपने अंदर ही जा रहा है।
नप अधिकारियों की लगाई शहर की सड़कों पर छिड़काव कराने की ड्यूटी
प्रदूषण का स्तर हवा में लगातार बढ़ने की वजह से सांस लेना भी दूभर हो गया है। इसी को लेकर जिला प्रशासन ने नप अधिकारियों की शहर की सड़कों पर वाहनों के चलने से उठ रही धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव कराने की ड्यूटी लगाई है। नप कर्मचारी निर्माणधीन सड़कों पर भी लगातार पानी का छिड़काव करेंगे और निर्माणधीन साइटों पर भी संबंधित एजेंसियों को कार्य स्थल के आसपास पानी का छिड़काव कराने की सख्त हिदायतें दी हैं।
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वर्जन:
स्टोन क्रशर और ईंट-भट्ठे पूरी तरह से बंद कराए गए हैं। जिला स्तर पर कई अधिकारियों की एक कमेटी बनी है। इसके अलावा स्थिति पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। पानी के छिड़काव के लिए नप अधिकारियों की ड्यूटी लगी है।
-अपर्नेश कौशिक, साइटिंस्ट, जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी।
एनसीआर क्षेत्र में ईंट भट्ठा उद्योग बंद होने के बाद भी वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद ईंट-भट्ठा उद्योग को टारगेट बनाया जा रहा है।
एनसीआर क्षेत्र में हर जिले का प्रदूषण स्तर 400 के पार है। यह पराली, डीजल व्हीकल व उद्योगों के कारण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में लगभग 1600 ईंट भट्ठे हैं, जोकि इस समय बंद पड़े हैं। हरियाणा सरकार के आदेशों की पालना करते हुए ईट भट्ठा उद्योग आगामी आदेश आने तक बंद रहेंगे।
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सुकर्म पाल, प्रधान, ईंट भट्ठा एसोसिएशन
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