भिवानी। नगर परिषद में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में आरोपी एक्सिस बैंक मैनेजर नितेश को पुलिस ने फिर से रिमांड पर लिया है। उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। इसके अलावा आरोपी नितिन और अरुण को भी पुलिस ने तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी अरुण से 60 हजार की नकदी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। वहीं, नितिन से भी मोबाइल बरामद किया गया। वहीं, निवर्तमान चेरमैन रणसिंह यादव को इकनॉमिक सेल में पूछताछ के लिए बुलाया गया। उनसे करीब ढाई घंटे तक पूछताछ हुई।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल ने चेक घोटालों के आरोपों के बाद हुए करोड़ों के घोटाले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस मामले में एक्सिस बैंक के मैनेजर नितेेश, व्यापारी विनोद के भतीजे नितिन, उसके रिश्तेदार अरुण, पानीपत के आढ़ती कपिल को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनसे करोड़ों रुपये फर्जी फर्मों में ट्रांसफर कर बड़ा घोटाला करने का खुलासा भी हो चुका है।
मामले में पुलिस ने आरोपी बैंक मैनेजर को पहले दो दिन और फिर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के बाद जेल भेज दिया था। सोमवार को पुलिस ने दोबारा से आरोपी बैंक मैनेजर को दो दिन के रिमांड पर लिया। इस दौरान उससे नितिन व अरुण द्वारा किये गए खुलासों के बारे में पुष्टि की जाएगी। वहीं आरोपी नितिन और अरुण को भी पूछताछ के लिए दोबारा तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया है। नितिन ने खुलासा किया था कि आरोपी बैंक मैनेजर उसका दोस्त है और उसी ने अरुण के माध्यम से दिल्ली के उसके रिश्तेदारों की फर्जी फर्मों में छह करोड़ से अधिक की राशि जमा करवाई थी। इसके बदले में 12-12 लाख रुपये कमीशन भी मिला। बैंक मैनेजर भी करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर लाखों रुपये कमीशन लेने की बात कुबूल कर चुका है। पुलिस ने आरोपी अरुण से 60 हजार रुपये की नकदी व एक फोन, नितिन से एक फोन बरामद किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं आरोपी आढ़ती कपिल को रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में कुछ बड़े नाम भी सामने आए हैं, जिनकी पड़ताल में पुलिस जुटी है। वहीं मामले में आरोपी नगर परिषद के अकाउंटेंट संजय बंसल अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में उसके रिश्तेदारों के घर छापे मार रही है।
जांच चल रही है
नगर परिषद में हुए घोटाले की जांच चल रही है और आरोपी बैंक मैनेजर को दोबारा रिमांड पर लिया गया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिनके भी नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी और जो भी आरोपी होगा उसे गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।
माइनस में टेंडर लगवाकर खा रहे कमीशन
भिवानी। निवर्तमान पार्षद एवं जजपा के शहरी निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी ईश्वर सिंह मान ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर गली निर्माण के टेंडरों में घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि माइनस में टेंडर लगवाकर मोटा कमीशन खाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलियों के निर्माण के टेंडर 30 से 40 फीसदी तक माइनस में लगे हैं। इसके बाद 20 फीसदी कमीशन नगर परिषद प्रशासन को, पांच प्रतिशत टैक्स, सेल टैक्स, जीएसटी लगता है। 100 रुपये का कार्य 50 रुपये में करना पड़ता है, जिस कारण कार्य की गुणवत्ता निम्न स्तर की रहती है। कुछ लोगों ने निजी फायदे के चलते जनता का पैसा बर्बाद किया है। एक ठेकेदार ने तो घोटाले कर बामला और खरक गांव के बीच 22 एकड़ जमीन खरीद ली, जिसकी कीमत प्रति एकड़ करोड़ों में है। उक्त ठेकेदार ने रोहतक से दो किलो सोना भी खरीदा है। इस घोटाले की पूरी जांच की जाए।
नारेबाजी कर जताया रोष
भिवानी। भिवानी बचाओ आंदोलन के बैनर के तले लोगों ने महाराजा नीमपाल चौक दिनोद गेट पर नारेबाजी कर रोष जताया। आदर्श ग्राम ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष आरके शर्मा व अपना समाज मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र तंवर की अगुवाई में अवैध कब्जाधारियों एवं नगर परिषद में हुए घोटालों के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि रविवार को आरटीआई कार्यकर्ता बृजपाल सिंह परमार ने अवैध कब्जे की आवाज उठाई तो उस पर हमला किया गया और कागजात छीन लिए गए।
इस मामले में एफआईआर तो दर्ज कर ली गई है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई। इंद्रपाल सिंह ने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी प्रशासन जल्द से जल्द करें वरना जनता का आक्रोश सड़कों पर होगा। इस दौरान भिवानी बचाओ आंदोलन के संयोजक सुशील वर्मा, संजय गुप्ता, मीना जांगड़ा, नरेश गोयल, रोहतक सिंगला, एडवोकेट हेमंत कौशिक, नीलम अग्रवाल, दिनेश शर्मा, पवन ठाकुर, बबलू प्रजापति, सोनू बांग, शंकर खरबंदा, मनोज तंवर, हर्ष जांगड़ा, गगन, हप्पली, कुलदीप तंवर, सत्येंद्र तंवर, हरि प्रकाश दिनेश शर्मा, सन्नी आदि मौजूद थे।