भिवानी। डाडम में खनन गतिविधियां और ब्लास्ट का शोर भले ही थम गया हो, मगर यह खनन क्षेत्र अब लगातार सुर्खियों में है। जिला प्रशासन, पुलिस और सरकार द्वारा की जा रही अलग-अलग जांच के बाद अब एनजीटी ने भी आठ सदस्यों की एक कमेटी गठित की है।
डाडम में अवैध खनन की सूचनाओं के आधार पर इस कमेटी का गठन किया गया है। अगर कमेटी की जांच में अवैध खनन होने और उससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की बात साबित होती है तो खनन पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। वहीं, इस मामले में खनन कंपनी गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स हिसार को नोटिस भी जारी किया है। एनजीटी ने कमेटी बनाने का फैसला मीडिया में आई पहाड़ दरकने संबंधी खबरों के बाद लिया है। यह कमेटी दो हफ्ते में पहली बैठक कर सकती है और दो महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट एनजीटी को सौंपेगी। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने तीन जनवरी को इस संबंध में आदेश दिए थे।
बता दें कि एक जनवरी को डाडम के खनन क्षेत्र में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसक गया था। बड़ी-बड़ी शिलाएं नीचे काम कर रहे श्रमिकों और वाहनों पर आ गिरीं। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं कई वाहन भी चकनाचूर हो गए। हादसे के बाद डाडम में नियमों के विपरीत और अवैध खनन के आरोप लगातार फर्म पर लगाए जा रहे हैं।
इन पर संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने एक कमेटी गठित की है। इस कमेटी में पर्यावरण, वन और जल परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा खनन सुरक्षा विभाग के महानिदेशक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और जिला मजिस्ट्रेट को कमेटी में शामिल किया गया है। इस मामले में एनजीटी में अगली सुनवाई पांच अप्रैल को होगी।
पर्यावरण प्रदूषण का किया जाएगा आकलन
अवैध खनन से वायु प्रदूषण भी फैलता है। इसलिए अब यह कमेटी जांच करेगी कि डाडम में अवैध खनन किया गया है या नहीं। अगर किया गया है तो कितना और उससे पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचा है। कमेटी की जांच में यह साबित होता है कि डाडम में अवैध रूप से खनन किया गया है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है तो फर्म का ठेका रद्द हो सकता है या फिर यहां खनन पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
खराब स्तर में रहता है भिवानी का प्रदूषण स्तर
इस सब के दौरान गौर करने लायक बात यह भी है कि भिवानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक भी लगातार खराब स्तर में ही रहता है। बारिश होने के बाद भले ही एक्यूआई 100 या इसके आसपास आ जाए अन्यथा यह 300 से ऊपर ही रहता है। बुधवार को दिनभर बूंदाबांदी और हल्की बारिश के बावजूद भी यहां प्रदूषण का स्तर 200 से ऊपर है।
अभी आदेश नहीं आया
इस संबंध में अभी तक हमारे पास लिखित में कोई आदेश नहीं आया है। अगर कोई आदेश आता है तो उसके अनुरूप ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
- रिपुदमन सिंह, उपायुक्त, भिवानी।