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हरियाणा: एचबीएसई चेयरमैन से सीधी, बात बोले- पुलिसकर्मियों की कमी और नकल कराने वाले ज्यादा

Thu, 31 Mar 2022 11:24 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. जगबीर सिंह से संवाददाता ने बोर्ड परीक्षा में नकल व पेपर शुरू होते ही आउट होने आदि विषयों पर सीधी बात की। जाना कि नकर रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
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- प्रो. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं का गुरुवार को दूसरा दिन था। दोनों दिन परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही पेपर आउट हो गए। परीक्षा केंद्रों पर काफी हद तक बाहरी हस्तक्षेप भी सामने देखने को मिल रहा है। इस संबंध में बोर्ड अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने माना कि पुलिसकर्मियों की काफी कमी है। वहीं परीक्षा केंद्रों के बाहर नकल करवाने वालों की संख्या ज्यादा है। उन्होंने बताया कि परीक्षा नकल रहित करवाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा गया है। 

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सवाल : लगातार दूसरे दिन परीक्षा शुरू होने के चंद मिनट बाद ही प्रश्नपत्र आउट हो गया। कहां से हुआ और कैसे हुआ?
जवाब : आज का प्रश्नपत्र कहां से आउट हुआ है, यह कहना तो मुश्किल है। मैंने आज चरखी दादरी के छपार, बिरही कलां, बरसाना और भिवानी के नंदगांव के केंद्र का निरीक्षण किया था। बिरही कलां में आए तो यहां बहुत ज्यादा भीड़ थी। एक मोटरसाइकिल पर सवार युवक के पास फोन से काफी युवा सॉल्व पेपर की कॉपी कर रहे थे। उस युवक को पकड़ने का प्रयास किया तो वह बाइक और मोबाइल फोन छोड़कर भाग गया। मोबाइल की जांच की तो पता लगा कि युवक का नाम प्रदीप सांगवान था। उसके पास एक नंबर से प्रश्नपत्र आया था और उसने आगे कार्तिक मैथ नाम से सेव नंबर के पास उक्त प्रश्नपत्र भेजा। वहां से सॉल्व कॉपी आई। जिसे सभी कॉपी कर रहे थे।

सवाल : बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर नकेल क्यों नहीं लग पा रही?
जवाब :  परीक्षा केंद्रों पर बाहरी हस्तक्षेप बहुत ज्यादा है। पुलिस कर्मचारियों की कमी है। सभी जिलों में बोर्ड परीक्षाओं के चलते धारा 144 लागू है और इसका अच्छे से पालन हो तो नकल पर नियंत्रण हो सकता है। हम जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से सहयोग की उम्मीद करते हैं।
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सवाल : बोर्ड प्रशासन नकल रोकने के लिए क्या कदम उठा रहा है।
जवाब : हमने नकल रोकने के लिए 372 प्रभावी उड़नदस्ते बनाए हैं, जो परीक्षा के दौरान नियमित निरीक्षण कर रहे हैं और नकल करते परीक्षार्थी भी पकड़े जा रहे हैं। आज भी 254 नकलची पकड़े गए हैं। उड़नदस्ते लगातार छापे मार रहे हैं। नकल करते पकड़े जाने पर यूएमसी (अनफेयर मींस केस) दर्ज किए जा रहे हैं। जहां ज्यादा बाहरी हस्तक्षेप मिलता है, उन केंद्रों पर परीक्षाएं रद्द की जा रही हैं।

सवाल : बोर्ड ने कुछ ऐसे स्कूलों में भी परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जहां खिड़की-दरवाजे तक टूटे हुए हैं। वहां से पेपर आउट करना और नकल कराना बिल्कुल आसान बना हुआ है?
जवाब : नकल करने वाले और कराने वाले काफी शरारती हैं। नकल करने और कराने के लिए खिड़की-दरवाजे भी तोड़ रहे हैं। पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। अब बाद में कोई तोड़ दे तो क्या किया जा सकता है।

सवाल : परीक्षा केंद्रों पर पुलिस कर्मचारियों की कमी है तो क्या हम ये मानें कि नकल पर नकेल नहीं लगेगी?
जवाब :
ऐसा नहीं है। हमने सभी जिला प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया है, ताकि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई जा सके। आज चरखी दादरी निरीक्षण के दौरान भी वहां के अतिरिक्त उपायुक्त से बातचीत की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक से बातचीत की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही परीक्षा केंद्रों के बाहर बाहरी हस्तक्षेप रोकने के लिए पुलिस सुरक्षा कड़ी की जाएगी।

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