भिवानी। गर्मी तेज है तो बिजली भी गुल हो रही है। बिजली निगम के शहरी फीडरों की बात करें तो दिन में दो से चार घंटे के लंबे कट लग रहे हैं। इसी के साथ रात में भी तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में तो बुरा हाल है। बिजली कब आई और कब चली गई। इसका भी पता नहीं चल रहा है।
गर्मी में इन्वर्टर बैटरी जवाब दे रहे हैं, जबकि बिजली उपकरण हांफ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब है। यहां गेहूं कटाई के सीजन के चलते आगजनी की घटनाएं रोकने के लिए दिनभर बत्ती गुल रहती है। हालांकि दावा करीब 20 घंटे बिजली देने का है। वहीं, बिजली कट के साथ साथ निगम के हेल्पलाइन नंबरों पर भी लोगों को कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा है। यह भी नहीं पता लगता कि बिजली गई है तो कब तक आएगी।
उद्योगों को भी पर्याप्त बिजली नहीं
भिवानी के औद्योगिक सेक्टर स्थित 220 केवी पावर सब स्टेशन भी जवाब दे गया है। इसी पावर सब स्टेशन से उद्योगों की बिजली आपूर्ति दी जा रही है। वीरवार को इसमें तकनीकी दिक्कत आ गई, जिसकी वजह से दोपहर बाद से ही उद्योगों में बिजली आपूर्ति ठप रही। उद्योग मालिक भी पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से परेशान हैं और उद्योग संघ ने बिजली मंत्री के समक्ष भी भिवानी दौरे पर पर्याप्त बिजली की मांग रखी थी। जिस पर मंत्री ने आश्वासन दिया था, मगर हालात नहीं सुधरे।
जेनरेटर चलाने पड़ रहे
उद्योगों को चौबीस घंटे बिजली का प्रावधान है, क्योंकि सबसे अधिक राजस्व उद्योगों से ही सरकार को मिल रहा है, लेकिन उन्हें बिजली नहीं मिल रही। 95 फीसदी उत्पादन वे जेनरेटर चलाकर कर रहे हैं, जिस पर खर्चा भी कई गुना बढ़ गया है। हमारी बिजली मंत्री से भी मांग थी कि उद्योगों को पर्याप्त बिजली दिलाई जाए। भिवानी के उद्योग पहले से ही मंदी की मार झेल रहे हैं। ऐसे में बिजली नहीं मिलने पर उनकी हालत और अधिक खराब हो जाएगी।
- शैलेंद्र जैन, प्रधान जिला उद्योग संघ भिवानी।
शहरी सर्कल में 24 घंटे बिजली
भिवानी सर्कल में शहरी दायरे में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। उद्योगों को भी निर्धारित शेडयूल के हिसाब से बिजली मिल रही है। अधिकारिक रूप से किसी भी श्रेणी में कोई भी बिजली कटौती नहीं है। कुछ अर्से से बिजली की स्थिति को देखते हुए कट लग रहे हैं।
- रणबीर सिंह, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।
गांवों में नौ घंटे तक लगातार बिली रहती है गुल
कैरू/बवानीखेड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कट गंभीर बने हैं। कैरू क्षेत्र के गांवों में सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहती है। वहीं बवानीखेड़ा खंड के 33 गांवों में सुबह आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक का नियमित कट रहता है। बिजली निगम के एसडीओ अनिल सोलंकी ने बताया कि फसली सीजन के दौरान आग लगने की घटना न हो, इसलिए एहतियातन ऐसा किया जाता है। कस्बे के शहरी क्षेत्र में लाइट का नियमित कोई भी कट नहीं है। कोई फाल्ट आ जाए या पीछे से कट हो तो अलग बात है। तोशाम क्षेत्र के भी कृषि कार्यों के चलते लंबे कट लग रहे हैं, मगर शहरी क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। संवाद
लोहारू में आफत बने अघोषित कट
लोहारू। लोहारू में अघोषित कटों से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वीरवार को भी शहर में शहरवासियों करीब तीन लंबे बिजली कटों का सामना करना पड़ा। वहीं सायं सवा पांच बजे एक बार फिर लोहारू 132 केवी बिजली सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति बंद होने से शहरवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। एसडीओ बिजली निगम राकेश कुमार ने बताया कि सायं सवा पांच बजे भिवानी के मुख्य बिजली घर में समस्या आने के कारण लोहारू का 132 केवी बिजली घर पूर्णतया ठप रहा। करीब एक घंटे बाद बिजली आपूर्ति सुचारु की जा सकी। संवाद
बहल में कृषि फीडरों पर आठ घंटे की कटौती
बहल। कोयले की कमी से गहराए बिजली संकट का असर ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ा है। बिजली की कमी से जहां कृषि क्षेत्र के फीडरों में केवल रात के समय ही आठ घंटे बिजली दी जा रही है। वहीं, इसमें भी आधा से एक घंटा तक अलग से पावर कट लग रहे हैं। 132 केवी बिजली घर में कृषि क्षेत्र के फीडरों के लिए दो ग्रुप बनाए गए हैं। इसमें एक ग्रुप में शाम छह बजे से रात एक बजे तक थ्री फेस व रात एक बजे से सुबह आठ बजे तक सिंगल फेस बिजली दी जा रही है। दूसरे ग्रुप में रात एक बजे से सुबह आठ बजे तक थ्री फेस व शाम छह बजे से रात एक बजे तक सिंगल फेस बिजली सप्लाई का सिस्टम बनाया हुआ है। इसके अलावा पूरे दिन कृषि क्षेत्र से जुड़े बिजली फीडरों में बिजली नहीं दी जा रही है। इन फीडरों में रात को जो सप्लाई दी जा रही है, उसमें आधा घंटा से लेकर एक घंटा तक अलग से दिन में कई कई बार के पावर कट लग रहे हैं। संवाद