भिवानी। परिवार की पहचान मुखिया से होती है। मगर कर्मचारियों की लापरवाही से परिवार की यह पहचान ही गुम हो रही है। दरअसल परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) में मुखिया की जगह बच्चों या भाई के नाम दर्शाए जा रहे हैं। इस गलती को ठीक करवाने के लिए घर के मुखिया कभी सरल केंद्र तो कभी कोर्ट के दर पर भटक रहे हैं। भिवानी में कर्मचारियों की ओर से की गई इस गड़बड़ी को चंडीगढ़ में ही ठीक कराया जा सकता है। वह कब ठीक होगी इसका भी कुछ पता नहीं है।
दरअसल परिवार पहचान पत्र में किसी में बेटे तो किसी में भाई को मुखिया बना दिया है। अब लोग इस गलती को ठीक कराने के लिए भटक रहे हैं। कभी सरल केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं तो कभी कोर्ट के। बावजूद इसके समाधान नहीं हो रहा। सरल केंद्र में जवाब मिलता है कि कोर्ट जाओ और कोर्ट में जवाब मिलता है कि डिलीट का कोई विकल्प नहीं है। सरल केंद्र से ट्रांसफर करवाओ। सरल केंद्र पर ट्रांसफर और डिलीट का विकल्प नहीं है। सरकारी योजनाओं का लाभ हरेक जरूरतमंद तक पहुंचे इसके लिए सरकार की ओर से परिवार पहचान पत्र बनाने का निर्णय लिया। सूत्रों के अनुसार 25 फीसदी परिवार पहचान पत्रों में त्रुटियां सामने आ रही हैं, जिनके समाधान के लिए लोग परेशान हैं। ज्यादातर में बच्चों को ही परिवार का मुखिया बनाया गया है। ऐसे में परिवारों की पहचान ही खतरे में डाल दी है।
भाई को बना दिया परिवार का मुखिया, नहीं हो रहा समाधान
ब्रह्मा कॉलोनी निवासी दीपक के परिवार पहचान पत्र में उसके भाई को मुखिया बना दिया है, जबकि उसका भाई अपना अलग परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए आवेदन किए हुए है। दीपक ने बताया कि मेरे परिवार पहचान पत्र में मेरे भाई मोनू को मुखिया बनाया है। मेरे दो बच्चे और पत्नी है। भाई का अपना परिवार है, उनके बच्चे हैं। अब हम दोनों भाई परेशान हैं। मैं ठीक करवाने सरल केंद्र गया तो जवाब दिया कि कोर्ट में जाओ। कोर्टमें गया तो बताया गया कि डिलीट का कोई विकल्प नहीं है। ऊपर से ट्रांसफर करवाओ। दोबारा सरल केंद्र गया तो वहां न ट्रांसफर का विकल्प है और न ही डिलीट का।
चंडीगढ़ में ही है विकल्प
परिवार पहचान पत्र से नाम हटाने का विकल्प फिलहाल चंडीगढ़ मुख्यालय में ही है, जहां से परिवार पहचान पत्र में शामिल अतिरिक्त नाम हटाया जा सकता है। इसके अलावा मुखिया संबंधित गलतियों को ठीक किया जा सकता है। चंडीगढ़ में विकल्प होने के कारण लोग परेशान है और अधिकतर की त्रुटियों का समाधान नहीं हो रहा है। अब इसे जिला स्तर पर ही ठीक करने का विकल्प दिए जाने की तैयारी है।
परिवार पहचान पत्र की इन त्रुटियों का है जिलास्तर पर समाधान
पहचान पत्र में हुई त्रुटियों के लिए 16 बिंदु निर्धारित किए हैं, जिनको ठीक किया जा सकता है। जिनमें स्वयं का नाम, माता-पिता का पहला व अंतिम नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाता व आईएफएससी कोड, जाति श्रेणी, व्यवसाय, आय, लिंग, मृत के रूप में चिह्नित करवाना, जिंदा के रूप में चिह्नित करवाना, दिव्यांग, वैवाहिक स्थिति, योग्यता और आय कम भरवाई है तो उसे बढ़वाना शामिल है। स्वयं का पहला व अंतिम नाम, मोबाइल नंबर, लिंग से संबंधित त्रुटि के लिए पोर्टल पर सुधार करवाने के दौरान आधार कार्ड में दिए गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। उस ओटीपी को डालकर त्रुटि ठीक की जा सकेगी। इसके अलावा किसी भी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। इसी प्रकार माता-पिता का पहला व अंतिम नाम, बैंक खाता और आईएफएससी कोड की त्रुटि पोर्टल पर ठीक करने के लिए परिवार पहचान पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, जिससे त्रुटि ठीक हो जाएगी। मृत, जिंदा, दिव्यांग, वैवाहिक, आय, व्यवसाय, योग्यता व जाति की त्रुटि ठीक करवाने के लिए संबंधित प्रमाणपत्र की आवश्यकता होगी।
चंडीगढ़ से ठीक हो सकती है गलती
किसी का नाम हटाने या मुखिया बदलने का विकल्प अभी चंडीगढ़ मुख्यालय पर ही है। ऐसी त्रुटियों को ठीक करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की ओर से इसे जिलास्तर पर भी यह अधिकार दिये जाने के लिए पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि इस सप्ताह जिलास्तर पर ही ऐसी त्रुटियां ठीक हो सकेंगी।
- भागीरथ कौशिक, जिला परियोजना समन्वयक
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय भिवानी।