फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध खनन से डाडम में माइनर व मंदिर भी तोड़े: हुड्डा

विज्ञापन
21 फोटो डाडम पहाड़ी में घटनास्थल सहित पूरे खनन क्षेत्र का जायजा लेने के दौरान ग्रामीणों से बातचीत ? - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
भिवानी। डाडम पहाड़ दरकने के मामले में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने प्रदेश में हो रहे अवैध खनन पर गंभीर सवाल खड़े किए। हुड्डा ने भिवानी के रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि अवैध खनन से पिछले कुछ सालों में यमुना का रास्ता भी बदल गया, जबकि तोशाम के डाडम में तो डाडम माइनर तक ब्लास्ट कर गायब कर दी। पहाड़ पर मौजूद मंदिर भी अवैध खनन से तोड़ डाला। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा खनन घोटाला हुआ है। जिसकी केंद्रीय पर्यावरण व खनन से जुड़ी एजेंसियों के साथ हाईकोर्ट के मौजूदा जज से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि एनजीटी के अधिकारियों की रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हो चुका है कि डाडम में अवैध खनन हो रहा और नियमों को ताक पर रखकर पहाड़ को काफी गहराई तक खोद डाला। इसकी वजह से वन विभाग का काफी इलाका भी अवैध खनन के दायरे में आ चुका है। जो पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा है।
हुड्डा ने कहा कि इस सरकार के आने के बाद घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं। इस हादसे के जिम्मेदार लोगों पर हत्या या गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए, जबकि सरकार इसे केवल दुर्घटना का रूप देकर आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। अवैध खनन करने वालों ने मौत का कुआं खोद दिया, जिसमें बेकसूर लोगों की जान चली गई। इस हादसे में मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और सरकार की तरफ से भी उचित मुआवजा मिले।
विज्ञापन

कंपनी की जगह दूसरे कर रहे खनन
नेता प्रतिपक्ष ने खनन कंपनी को लेकर भी बड़े घोटाले की ओर संकेत किया। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि डाडम में खनन कंपनी कोई और है, लेकिन खनन का काम कोई और कर रहा है। इसमें बिल भी किसी दूसरे के नाम काटे जा रहे हैं। इस प्रकरण की भी उच्च स्तरीय जांच होनी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच हरियाणा सरकार एसआईटी से करा रही हैं, लेकिन ये एजेंसी तो सरकार की खुद की एजेंसी हैं, जबकि इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय पर्यावरण व खनन से जुड़ी एजेंसियों के अधिकारियों के साथ मौजूदा जज से जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। इस मौके पर कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी उनके साथ मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें