भिवानी। नगर परिषद के निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद ने भी अपने पद का दुरुपयोग कर नगर परिषद के तीन प्लॉट बेच डाले। यह हम नहीं बल्कि वीरवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तीन प्लॉटों की रजिस्ट्रियां बयान कर रही है। जिन्हें नियमों को ताक पर रखकर करवाया गया। इन रजिस्ट्रियों से अकाउंटेंट सुरेश ने ही 25 लाख रुपये कमीशन लिया। पुलिस ने उससे दो लाख रुपये बरामद किया। सुरेश को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर एक और दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं आरोपी मामनचंद फरार हो गया है। पुलिस आरोपी कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, दूसरे अकाउंटेंट संजय बंसल से भी पूछताछ में जुटी है।
जमीन घोटालों की जांच शुरू होते ही खुलासे होने लगे हैं। प्राथमिक खुलासा तीन रजिस्ट्रियों का है। जिसमें निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद ने ऑटो मार्केट के पास के तीन प्लॉट फर्जी तरीके से बेचे।
मामनचंद और उसके नजदीकी हुए फुर्र
तीन रजिस्ट्रियां सामने आने के बाद निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद फरार हो गया है। उसके दोनों फोन भी स्विच ऑफ चल रहे है। वह और उनके नजदीकी फरार है। इससे पहले व्यापारी विनोद, निवर्तमान प्रधान रण सिंह यादव के पीए ललित यादव, तत्कालीन सचिव राजेश महता भी फरार चल रहे है।
25 लाख का कमीशन, दो लाख बरामद
जमीन घोटाले की जांच के लिए नियुक्त एसआईटी ने अकाउंटेंट सुरेश को एक दिन और संजय बंसल को तीन दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान सुरेश कुमार ने खुलासा किया कि उक्त तीन फर्जी रजिस्ट्रियों के बदले उसे 25 लाख रुपये मिले। आर्थिक अपराध शाखा की एसआईटी ने उससे दो लाख रुपये बरामद किए।
संजय यादव से फिर नहीं हुई रिकवरी
तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव को पुलिस टीम ने तीसरी बार रिमांड पर लिया। तीसरी बार भी उससे रिमांड के दौरान कोई रिकवरी नहीं हुई। आरोपी को रिमांड के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
वर्जन
जमीन घोटाले में आरोपी सुरेश ने 25 लाख रुपये वसूलने की बात कबूली है। जिससे दो लाख रुपये की रिकवरी हुई है। मामनचंद फरार चल रहा है। आरोोप की तलाश की जा रही है।
-अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक