पेट्रोल, डीजल व गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी के विरोध लघु सचिवालय के बाहर अधिकारियों को ज्ञापन सौ?
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भिवानी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जिला कमेटी ने वीरवार को पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ी कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले सीमा व उत्पाद शुल्क कम करने की मांग को लेकर उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भिजवाया है। ज्ञापन उपायुक्त की तरफ से समाज कल्याण अधिकारी देवेंद्र सिंह को सौंपा गया।
माकपा जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव के कारण केंद्र सरकार ने मूल्य बढ़ाने का कदम नहीं उठाया, क्योंकि जनता की नाराजगी का उन्हें डर सत्ता रहा था। अब जैसे ही चुनाव जीत गए तो केंद्र सरकार ने अपना असली चेहरा दिखाना शुरू कर दिया। 2020 व 2021 में कोरोना की पहली व दूसरी लहर के समय पेट्रोलियम पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम हुई थीं, तब भारत सरकार ने इन पदार्थों पर सीमा व उत्पाद शुल्क बढ़ाकर जनता को राहत नहीं दी और लाखों करोड़ रुपये का टैक्स खजाने में जमा कर लिया। अब बाहर कीमतें बढ़ रही हैं तो सरकार सीमा व उत्पाद शुल्क कम करने का नाम नहीं ले रही। इसका बोझ भी जनता पर डाल रही है। 50 रुपये प्रति सिलिंडर गैस के दाम बढ़ाना तथा प्रतिदिन 80 पैसे प्रति लीटर पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ाकर महंगाई बढ़ाई जा रही है। ज्ञापन देने वालों में मास्टर शेरसिंह, कामरेड अनिल कुमार, रामफल देशवाल, माकपा नेता राजकुमार दलाल, मास्टर वजीर सिंह, नरेरा कुमार शर्मा, फूलचंद, महेंद्र मिताथल शामिल थे।