भिवानी-तोशाम। लोहारू कृषि मंत्री जेपी दलाल का विरोध करने पहुंचे किसानों को हिरासत में लेने से नाराज किसानों ने जिले में चार जगह जाम लगा दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों को रिहा न करने तक जाम न खोलने की जिद पर अड़ गए। इससे वाहन चालक जाम में फंस गए। किसानों को रिहा किए जाने पर जाम खोल दिए गए।
प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल रविवार को कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए लोहारू पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलने पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य उनका विरोध करने के लिए लोहारू पहुंच गए। इस पर पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया। यह बात तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और किसानों ने प्रेमनगर, खरकड़ी, पाटौदी और तोशाम में जाम लगा दिया।
तोशाम में अनाज मंडी के पास करीबन पौने दो बजे मार्ग को अवरुद्ध कर तोशाम से जुई, सतनाली और सिवानी की ओर जाने वाले रास्ते बाधित कर दिए। इससे वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। इसी तरह तोशाम-बहल मार्ग पर गांव पटौदी में भी किसानों ने रास्ते को जाम कर दिया और तोशाम-बहल मार्ग पर आवाजाही रोक दी। दोनों स्थानों पर करीबन आधा घंटे तक विरोध स्वरूप जाम रखा गया।
किसानों ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। देश व प्रदेश का किसान कृषि कानूनों का लगातार विरोध कर रहा है। बावजूद इसके सरकार मानने को तैयार नहीं है। किसानों ने कहा कि सरकार कितना भी जुल्म किसानों पर कर रही है, लेकिन यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक काले कृषि कानून वापस नहीं किए जाएंगे। किसानों ने कहा कि सरकार को एक दिन झुकना ही पड़ेगा।
किसानों ने शहीद भगत सिंह चौक पर सरकार का पुतला फूंका
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आक्रोशित किसानों ने शहीद भगत सिंह चौक भिवानी में भाजपा सरकारों का पुतला फूंका। किसानों ने सरकार का पुतला फूंक आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। किसानों ने लोहारू में कृषि मंत्री जेपी दलाल का शांतिपूर्ण तरीके से काले झंडे दिखाने के दौरान सैकड़ों किसानों को हिरासत में लेने, डराने, धमकाने की पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
किसान सभा से कामरेड ओमप्रकाश, युवा कल्याण संगठन से कमल सिंह प्रधान, जाटू खाप के कार्यवाहक प्रधान रोहताश पहलवान व संयुक्त किसान मोर्चा के दलीप सिंह सांगवान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार व उसके नेता किसान आंदोलन की सुनाई करने की बजाए, उसमें फूट डालने व हिंसात्मक बनाने की कुचेष्टा कर रहे हैं और जातिवादी टकराव पैदा करवाना चाह रहे हैं। इसलिए मोर्चा ने सूझ-बूझ के साथ किसी के घर पर आयोजित कार्यक्रम में न जाकर अन्य सार्वजनिक जगह पर भाजपा नेताओं के शामिल होने के विरोध स्वरूप सरकार का पुतला फूंका है। किसान भाजपा नेताओं का भिवानी आगमान का विरोध करते हैं, परंतु किसानों द्वारा हमारे सम्मानित ठाकुर बीर सिंह जयंती के समारोह में कोई दखल देने का उद्देश्य नहीं था, क्योंकि ठाकुर बीरसिंह हमारे सभी के सम्मानित नेता रहे हैं और सभी किसान मजदूर उनको आदर के साथ नमन करते हैं।
इस दौरान चौक पर भारी पुलिस बल तैनात था, सरकार का पुतला जलाने के बाद सभी किसान टिकरी बार्डर के लिए रवाना हो गए, जहां रविवार 24 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी के शहीदों की अस्थि कलश यात्रा पहुंचेगी।