भिवानी के साई होस्टल में एथलीट की 120 सीटें निर्धारित की गई थी। लेकिन अब सीट घटा दी गई हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि अब भी 50 सीटें खाली पड़ी हैं, लेकिन उन्हें नहीं भरा जा रहा है। महिला एथलीट कल्पना, भावना, भूमिका, निकिता का कहना है कि एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाएं घटाई जा रही हैं।
भिवानी में भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र में खेल सुविधाओं की मांग को लेकर सोमवार सुबह सैकड़ों खिलाड़ियों ने एथलीट की सीट घटाने और महिला होस्टल की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। महिला खिलाड़ियों ने कहा कि वे दूर दराज के गांवों से आकर यहां प्रेक्टिस करती हैं, लेकिन केंद्र में महिला खिलाड़ियों के लिए कोई रिहायशी सुविधा नहीं हैं। वहीं एथलीट की सीट घटनाए जाने पर भी खिलाड़ियों ने रोष जताया।
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खिलाड़ी बोलेः भिवानी के साई ने दिए अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ी, सुविधाओं में फिर भी कटौती
भिवानी के साई होस्टल में एथलीट की 120 सीटें निर्धारित की गई थी। लेकिन अब सीट घटा दी गई हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि अब भी 50 सीटें खाली पड़ी हैं, लेकिन उन्हें नहीं भरा जा रहा है। महिला एथलीट कल्पना, भावना, भूमिका, निकिता का कहना है कि एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाएं घटाई जा रही हैं, खासकर महिला खिलाड़ियों के लिए लंबे अर्से से यहां कोई होस्टल सुविधा तक नहीं है।
एथलीट कोटे की सभी 120 सीटें भरने की मांग की
महिला खिलाड़ी स्टेडियम में अभ्यास करते हैं और खेल प्राधिकरण के लिए भी मेडल जीतने की जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं, लेकिन खेल सुविधाओं के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिल रहा है। खिलाड़ियों ने महिलाओं के लिए होस्टल सुविधा आरंभ करने व एथलीट कोटे की सभी 120 सीटें भरने की मांग की है। छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष छात्र नेता सूर्य प्रताप ने कहा कि भिवानी के साई ने अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ियों के अलावा द्रोणाचार्य अवार्डी दिए हैं, लेकिन फिर भी यहां खेल सुविधाएं जिला स्तर की भी नहीं है।
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खिलाड़ियों ने केंद्र के बाहर नारेबाजी कर रोष जताया
भारतीय खेल प्राधिकरण को चाहिए कि अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ियों की खान भिवानी साई के लिए अंतर राष्ट्रीय मानकों की खेल सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। उन्होंने कहा कि महिला खिलाड़ियों के लिए होस्टल सहित अन्य खेल सुविधाओं का भी विस्तार होना चाहिए। खिलाड़ियों ने केंद्र के बाहर नारेबाजी कर रोष जताया।