भिवानी। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में ओमिक्रॉन की दस्तक के साथ लोग भी शंकाओं से घिर गए हैं। हल्की खांसी, वायरल के लक्षण होने पर लोग ओमिक्रॉन से तुलना कर रहे हैं। असमंजस के चलते लोग कोरोना की जांच कराने से भी हिचक रहे हैं। सबसे अहम बात है कि ओमिक्रॉन और वायरल के लक्षण भी एक समान हैं। ऐसे में चिकित्सक भी बिना टेस्ट के लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। लोगों की शंकाओं के कारण स्वास्थ्य विभाग ने भी सैंपलिंग केंद्र बढ़ा दिए हैं। हालांकि केंद्र पर लोग आने से कतरा रहे हैं।
मौसम का मिजाज बदलते ही नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 से 160 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज बुखार, खांसी, जुकाम, सिरदर्द, बदन दर्द, सीने में जलन, रात के समय बुखार आने से पीड़ित हैं। ओमिक्रॉन होने पर भी संक्रमितों में भी यही लक्षण नजर आते हैं। ऐसे में लोग हल्की खांसी को ही ओमिक्रॉन समझकर चिकित्सक से जांच करवाने पहुंच रहे हैं। हालांकि चिकित्सक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सावधानी रखने और अफवाहों से बचने की सलाह दे रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल में छह सैंपलिंग केंद्र बनाए
ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद अधिकांश लोगों में भय का माहौल है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य की जांच और कोरोना जांच की की सुविधा भी बढ़ा दी है। वर्तमान में अस्पताल की ओपीडी, आपातकालीन विभाग से लेकर टीकाकरण केंद्र पर भी कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में दो स्थानों, फ्लू कॉर्नर, वार रूम, आपातकालीन विभाग के मुख्य गेट के नजदीक और महिला ओपीडी में भी कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है।
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जागरूकता अभियान में जुटे स्वास्थ्यकर्मी
स्वास्थ्य विभाग ने ओमिक्रॉन वैरिएंट आने के बाद लोगों में फैली अफवाहों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम, एमपीएचडब्ल्यू, आशा वर्कर की ड्यूटी लगाई है। ये लोग डोर-टू-डोर जाकर लोगों को कोविड-19 से बचाव के उपायों और टीकाकरण के प्रति जागरूक कर रहे है। विभाग ने नागरिक अस्पताल सहित प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी क्षेत्र में यह व्यवस्था की है।
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हर घर में वायरल के मरीज
मौसम का मिजाज बदलने के कारण वायरल से लोग अधिक पीड़ित हैं। हालात यह है कि प्रत्येक घर में एक, दो अथवा पूरा परिवार वायरल की चपेट में आ चुका है। हालांकि लोग भी नीम हकीमों से दवा लेकर घर में ही उपचार करा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी पॉजिटिव केसों की सही संख्या का आंकलन नहीं कर पा रहा है।
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कोरोना की तीसरी और दूसरी लहर के वैरिएंट में काफी अंतर है। इन दिनों ओपीडी में बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। ओमिक्रॉन और वायरल में भी काफी अंतर है। लोग इसे एक समान न समझें। ओमिक्रॉन के मरीज को भी बुखार आता है तो इसका अर्थ यह न लें की वह वायरल है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और अफवाहों से बचे।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।
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वर्जन:
जिले में ओमिक्रॉन के अब तक 19 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 17 स्वस्थ हो चुके है। इस लहर में अधिकांश मामले ओमिक्रॉन वैरिएंट के है। हालांकि यह जानलेवा नहीं है। मरीज अपने स्वास्थ्य में परेशानी होने पर रोग विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करवाएं। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग और जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। आमजन से अपील है कि कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करें।
- डॉ. रघुुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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