भिवानी। शहर के कई हिस्सों का पानी पीने लायक नहीं है। स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य विभाग की जांच में पानी की सेहत खराब मिली है। हेल्थ विभाग ने एक माह के दौरान जिले भर से 481 पानी के सैंपल घर-घर जाकर एकत्रित किए। इसमें 63 सैंपल फेल आए हैं। अधिकतर सैंपल शहरी दायरे के हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग खुद बैक्टीरिया युक्त पानी में लोगों को बीमारियां परोस रहा है। यहीं वजह है कि जल जनित बीमारियों से पीड़ित करीब 60 मरीज रोजाना नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। शहर की कई कॉलोनियों में लाइनें लीक हैं। बूस्टर की लाइनों में भी अवैध कनेक्शन हैं, जिससे गंदगी मिलने से घरों तक भी गंदा पानी पहुंच रहा है।
घर-घर से लिए जा रहे सैंपल
स्वास्थ्य विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पीने के पानी के सैंपलों की जांच के लिए 142 एमपीएचडब्ल्यू लगाए हैं। इनमें 22 एमपीएचडब्ल्यू शहरी दायरे की कॉलोनियों में घर-घर पहुंचकर सप्लाई में आने वाले पानी के सैंपल शीशी में लेकर आ रहे हैं। इन सैंपल पर मकान मालिक का नाम और उसका पता भी अंकित किया जा रहा है। ताकि अगर उसके सैंपल फेल आए तो उस तक पानी की अशुद्धता की जानकारी हो सके। साथ ही उस घर में रहने वाले लोगों की सेहत जांच के लिए भी तत्परता से कदम उठाए जा सकें। इस बार प्री मानसून से पहले ही बारिश ने भी दस्तक दी है। जिसकी वजह से भी पानी में बैक्टीरिया की तादाद काफी अधिक पाई जा रही है। हानिकारक बैक्टीरिया पानी के जरिये शरीर में पहुंचने से सेहत बिगड़ सकती है।
डबल क्लोरीनेशन से भी नहीं बन रही बात
जनस्वास्थ्य विभाग ने गर्मी के मौसम में जल जनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए सप्लाई में दिए जा रहे पानी की डबल क्लोरीनेशन शुरू कर दिया। पानी साफ करने की प्रक्रिया में क्लोरीन और फिटकरी की मात्रा भी डबल कर दी है। इसके बावजूद भी पानी की शुद्धता की बात नहीं बन रही है। इसका मुख्य कारण लाइनों में लीकेज और गंदे पानी का मिलना है।
नहरों के रास्ते भी पहुंच रही पानी के साथ बीमारी
नहरों में जो पानी जलघर के टैंकों तक पहुंच रहा है। उसमें भी मिट्टी के साथ अन्य गंदगी आ रही है, जिसे क्लोरीनेशन की प्रक्रिया के दौरान भी पूरी तरह से शुद्ध कर पाना मुश्किल हो रहा है। देखने में तो जो पानी स्वच्छ दिखता है। उसका स्वाद और अंदर काफी मात्रा में बैक्टीरिया पाए जा रहे हैं, जो लोगों के पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार की वजह बन रहे हैं। (संवाद)
482 सैंपल की कराई थी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने एक माह के दौरान 482 पानी के सैंपल घरों में सप्लाई हो रहे पानी के लिए हैं। इनमें से 419 सैंपल की रिपोर्ट सही आई है, जबकि 63 पानी के सैंपल फेल हो गए हैं। जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल में बैक्टीरियोलॉजिकल लैब में पानी के सैंपल की जांच कराई जा रही है। जिन हिस्सों में पानी के सैंपल फेल आए हैं, उनकी रिपोर्ट संबंधित विभाग और जिला प्रशासन को भी भेजी जा रही है।
- डॉ. कृष्ण कुमार, उप सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग।
लैब में कराते हैं जांच
हमारे पास गंदे पानी की संबंधित इलाकों से शिकायतें आती हैं। वहां पानी की जांच पब्लिक हेल्थ विभाग की लैब से भी कराते हैं। इसके अलावा पानी में कोई गंदगी मिलने की आशंका होती तो उसके कारण को ढूंढकर उसका समाधान भी कराया जा रहा है।
-प्रवीन जांगड़ा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग भिवानी।