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वाहन चोर गैंग का सरगना निकला अंबाला में तैनात टीटीई, विभाग ने किया सस्पेंड

अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 01:30 AM IST
TTE posted in Ambala turns out to be the kingpin of vehicle thief gang, department suspended
TTE posted in Ambala turns out to be the kingpin of vehicle thief gang, department suspended - फोटो : Ambala
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अंबाला। रेलवे का एक टीटीई वाहन चोर गिरोह का सरगना निकला, जिसके बाद उसे तत्काल सस्पेंड करने की कार्रवाई भी गई है। यह टीटीई अंबाला में तैनात था। टीटीई की पहचान विकल राणा उर्फ विक्की के तौर पर हुई है। इस खुलासे के बाद रेलवे को जो दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, उसके आधार पर टीटीई को वीरवार को सस्पेंड कर दिया है। वहीं टीटीई के खिलाफ विभागीय जांच प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है।
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वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक हरी मोहन ने इस मामले की पुष्टि करते हुए पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस से प्राप्त जानकारी के आधार पर रेलवे ने आदेश जारी किए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार विकल राणा उर्फ विक्की टीटीई मूलरूप से सहारनपुर का रहने वाला है और मौजूदा समय में उसकी तैनाती शहर रेलवे स्टेशन के बुकिंग कार्यालय में थी। वह कुछ समय पहले ही अपने पिता की जगह आश्रित सेवा के तहत नौकरी पर लगा था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी टीटीई अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर पिछले कुछ समय से वाहन चोरी का काम कर रहा था।

बुधवार आया था गिरोह पकड़ में
सहारनपुर कोतवाली पुलिस ने बुधवार 13 अक्तूबर को एक बड़े वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश किया। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि देहात कोतवाली थाना पुलिस ने विकल राणा उर्फ विक्की पुत्र नरेन्द्र निवासी बी-ब्लाक हकीकतनगर, फरमान पुत्र फुरकान निवासी डेरा इलाहीपुरा थाना सदर बाजार, सागर पुत्र सुरेश निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी मल्हीपुर रोड थाना कोतवाली देहात, अजीम पुत्र नसीम निवासी शेखपुरा कदीम और सोबान उर्फ भोलू पुत्र इनाम निवासी शेखपुरा कदीम को गिरफ्तार किया है।
कबूली वारदात
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बरामद वाहनों को खलासी लाइन रेलवे रोड व मोहल्ला चंद्रनगर से चोरी करना स्वीकार किया है। इनके कब्जे से तीन स्कूटी, एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वह टीटीई के कहने पर ही वाहन चोरी करते थे और फिर प्राप्त राशि को टीटीई के कहे अनुसार ही बांटते थे। गिरोह के सदस्यों ने यह भी कबूल किया कि वह चोरी किए वाहनों को सोबान कबाड़ी को बेचते थे।
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