नागरिक अस्पताल छावनी में एक हजार केवीए का ट्रांसफार्मर इंस्टॉल होने के बाद लो वोल्टेज का संकट खत्म हो गया है। अस्पताल परिसर में पहले भी एक-एक हजार के दो ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। अब तीसरा ट्रांसफार्मर लगने पर मरीजों व तीमारदारों को लो वोल्टेज व बार-बार ट्रिप होकर बिजली बंद होने की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। हालांकि बिजली ट्रिप चंद सेकेंड के लिए होती थी। हाल ही में नए ट्रांसफार्मर पर बिल्डिंग का लोड डालकर चैक किया गया है और उसका ट्रायल भी सफल रहा है। बता दें कि अस्पताल की बिल्डिंग में दो ट्रांसफार्मर लगे हुए थे लेकिन कैंसर बिल्डिंग बनने के बाद लोड ओर अधिक हो गया था। यह व्यवस्था बनाई गई थी एक ट्रांसफार्मर कैंसर बिल्डिंग को दे दिया। ऐसे में केवल एक ही ट्रांसफार्मर पर अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी व इमरजेंसी बिल्डिंग का पूरा लोड था। इसके साथ-साथ अस्पताल में लगे दो ऑक्सीजन प्लांट की भी सप्लाई का लोड था। बता दें कि छावनी नागरिक अस्पताल में बिजली निगम से सैंक्शन लोड दो हजार 70 किलोवाट है। इसलिए लोड डिवाइड करने के लिए तीन ट्रांसफार्मर लगाए गए है।
ऐसे में लो वोल्टेज के साथ-साथ सबसे बड़ी समस्या यह थी कि बिजली ट्रिप होने पर अस्पताल में करोड़ों की लागत से लगी आधुनिक मशीनों के खराब होने का खतरा भी बना रहता था। अब नए ट्रांसफार्मर के चालू हो जाने के कारण इस समस्या से छुटकारा मिल गया है।
अस्पताल में एक हजार वाट का नया ट्रांसफार्मर इंस्टॉल हो चुका है। अस्पताल में अब लो वोल्टेज व बिजली ट्रिप की समस्या नहीं रहेगी।
डॉ. राकेश सहल, पीएमओ छावनी नागरिक अस्पताल