अंबाला। श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को महंत सोमदत्त ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा वह कथा है जिसे सुनने के लिए भगवान भी लालायित रहते हैं। महंत ने कहा कि शरीर की खुराक भोजन होता है और आत्मा की खुराक भजन होते हैं। जब आत्मा प्रबल बन जाती है तब उस जीव को महात्मा कहते हैं। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मोक्ष प्राप्त होता है। मोक्ष का मतलब होता है मोह का क्षय होना।
इसके उपरांत भगवान से प्रेम हो जाता है। महंत ने बताने मोक्ष का मार्ग शरण में आया सुख तेरे.. भजन के माध्यम से मोक्ष को प्राप्त करने की विधि बताई। महंत ने कहा कि शिव लिंग के दर्शन भर से कई जन्मों के पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं। कथा के शुरुआत में जंग बहादुर उप्पल, ओम प्रकाश शर्मा, दिनेश भाई ने पूजा-अर्चना की। राजेंद्र, पंडित विजय जोशी, पंडित नरेश शर्मा ने एवं रणवीर सिंह ने सुंदर सुंदर प्रभु की भक्ति के प्रति गाए। कथा में राकेश कुमार, पुनीत, गोविंद चावला, रंजना, कांता दुआ, चंद्रप्रभा, राजरानी, पुष्पा गुप्ता, लता गुप्ता उपस्थित रहे।