अंबाला सिटी। ट्रांसपोर्टर्स से मंथली वसूली के मामले में गिरफ्तार किए गए कैथल के एसडीएम व एचसीएस अधिकारी अमरेंद्र सिंह मनैस को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। सीजीएम अमरदीप की कोर्ट में विजिलेंस टीम ने सात लाख रुपये की रिकवरी के लिए दो दिन का रिमांड मांगा जोकि मंजूर कर लिया गया। अब विजिलेंस टीम की ओर से पूछताछ की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि इससे पहले इस मामले में संलिप्त तीन आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें ट्रांसपोर्टर गुरप्रीत और जसपाल के साथ ड्राइवर कर्णवीर शामिल हैं। इस मामले में इंस्पेक्टर अजय सैनी फरार चल रहा है। इन सभी से पूछताछ के बाद ही विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए एचसीएस अधिकारी अमरेंद्र सिंह मनैस को मंगलवार को गिरफ्तार किया था।
जानकारी के अनुसार दलाल गुरप्रीत उर्फ लक्की का अंबाला शहर की मोटर मार्केट में दफ्तर था। उसके दफ्तर से डीपीएस फ्रेश फ्रूट के स्टीकर बरामद हुए थे। बाद में जब जांच शुरू हुई तो बाकी आरोपियों से भी डीपीएस फ्रेश फ्रूट मार्का के स्टीकर और कॉपी बरामद हुई। कॉपी में कई ट्रकों के नंबर लिखे हुए मिले। जो ट्रांसपोर्टर रिश्वत देते थे, उन्हें यह स्टीकर जारी होते थे। ये स्टीकर लगे वाहन को ओवरलोड होने के बावजूद हाईवे पर जांच में बांड करने की बजाय जाने दिया जाता था। रिश्वत देने से परेशान होकर कैथल के चीका के देवराज ने इसकी शिकायत की थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी एसडीएम से दो महीने के एकत्रित की गई मंथली रुपयों की रिकवरी करनी है। इसके लिए उसका कोर्ट से दो दिन का रिमांड मंजूर हुआ है। मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, एक आरोपी अभी फरार है।
-सोमेश कुमार, स्टेट विजिलेंस इंस्पेक्टर।