अंबाला। मैं अपने शहर को चमकाना चाहता हूं, इसको धरती का चांद बनाना चाहता हूं, मेरा बस चला तो खुशबू लाऊंगा चंदन के बाग से, मैं हर चेहरे पर मुस्कान लाना चाहता हूं, मैं अपने शहर को चमकाना चाहता हूं...। यह पंक्तियां प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कही। वे सोमवार को जीएमएन कॉलेज छावनी में आयोजित ऑल इंडिया त्रिभाषी कवि सम्मेलन और मुशायरे में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे।
सम्मेलन में देशभर से कई नामी शायरों और कवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अनिल विज के शायराना अंदाज को देख मंच पर बैठे कवि भी उनके कायल हो गए। कवि सम्मेलन और मुशायरे भविष्य में भी आयोजित होते रहे इसलिए मंत्री विज ने नंदलाल चैरिटेबल ट्रस्ट को अपने कोष से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मंच से शायर बिलाल सहारनपुरी ने गृहमंत्री अनिल विज के सम्मान में पंक्तियां पढ़ी और उनकी कार्यशैली की प्रशंसा की। शायर ने कहा कि सख्त मुश्किल है यहां जान बचाकर रखना, जान बच जाए तो ईमान बचा कर रखना, जो सभी धर्मों को इज्जत की नजर से देखे, ऐसी बस्ती में कुछ इंसान बचाकर रखना...। उन्होंने पंक्ति पढ़ते हुए कहा कि रिवायतों की हसीन कहानी हो, नहीं मिलेंगे कहीं ऐसे जाफरानी लोग और तुम्हारे साथ में बैठे तो लगा हमको कि बचे हुए हैं अभी खानदानी लोग।
कार्यक्रम में शायर महेंद्र सिंह अश्क, जनाब हसन काजमी, सुरजीत, खुर्शीद हैदर, त्रिलोचन, त्रिलोचन लोची, मोहन, हामजा बिलाल, सानिया सोनम एवं अन्य शायरों ने समां बांधा। इस अवसर पर आयोजक चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रभास पराशर, प्रेम महेंद्रू, डॉ. गुरदेव सिंह, अनिल कुमार, वीना सूरी, डॉ. आरके अनेजा, डॉ. नीरज पाराशर मौजूद रहे।
शायरों ने मंत्री विज के संग टी-प्वाइंट पर पी चाय
मंत्री विज ने कहा कि वह पिछले 50 साल से टी-प्वाइंट पर चाय पी रहे हैं। सोमवार सुबह शायरों ने मंत्री विज के साथ वहां बैठकर चाय पी। गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि आज के समय में सारी दुनिया टेलीविजन की खिड़की पर चिपक कर बैठ गई है और कुछ देख व समझ नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी दुनिया है। कवि सम्मेलन एवं मुशायरा भी एक मंच है जहां कवि आकर अपने शब्दों के माध्यम से कहते हैं। ऐसे मंच देखने के अवसर अब नहीं मिल रहे हैं, ऐसे मंच चलते रहने चाहिए।