अंबाला। टैबलेट मिलने से सरकारी स्कूल के मुखिया व इंचार्ज अब हाईटेक हो जाएंगे। अध्यापकों का एमआईएस डाटा चंद मिनटों में ही अपडेट हो जाएगा। इतना ही नहीं छात्रों की पढ़ाई से जुड़ी सभी जानकारी तुरंत एप के माध्यम से भरी जा सकेगी।
दरअसल हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से राज्य के 14 हजार 355 स्कूलों को टैबलेट देने के आदेश दिए हैं। इसमें जिले के 766 प्राइमरी, माध्यमिक और सीनियर सेकेंडरी स्कूल भी शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर स्कूलों को टैबलेट देने का कार्य किया जाएगा। डीपीसी बंद डिब्बे में टैबलेट लेंगे और उन्हें स्टाक रजिस्टर में दर्ज करेंगे। डीपीसी कार्यालय से टैबलेट बॉक्स ब्लॉक स्तर के को-ऑर्डिनेटर को सौंपा जाएगा।
को-ऑर्डिनेटर स्कूल प्राचार्य की तीन सदस्य कमेटी का गठन करेगा जोकि दी गई सूची के आधार पर निर्धारित स्कूलों को टैबलेट देने का कार्य करेंगे। स्कूल मुखिया और इंचार्ज को टैबलेट देने के बाद रसीद और पूरी जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाएगी, वहीं स्कूल मुखिया एवं इंचार्ज टैबलेट से एमआईएस डाटा, यूडाइस डाटा, अवसर और दिशा एप के माध्यम से जुड़ी सभी जानकारियां बिना किसी परेशानी के दर्ज कर सकेंगे। जब भी स्कूल मुखिया एवं इंचार्ज सेवानिवृत्त होंगे या उनका तबादला होगा तो स्कूल में मौजूद वरिष्ठ अध्यापक को टैबलेट देकर रसीद प्राप्त की जाएगी और उसे रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट सिस्टम की मदद से टैबलेट वाई-फाई सुविधा के साथ कार्य करेगा।
किस ब्लॉक में कितने मिलेंगे टैबलेट
ब्लॉक एक शहर के 184 स्कूल, ब्लॉक दो छावनी के 119 स्कूल, ब्लॉक बराड़ा के 121 स्कूल, ब्लॉक नारायणगढ़ के 136 स्कूल, ब्लॉक साहा के 106 स्कूल एवं ब्लॉक शहजादपुर के 100 स्कूलों को टैबलेट मिलेंगे।
शिक्षा विभाग का यह एक सराहनीय कदम है। आधुनिक टैबलेट मिलने से एमआईएस पोर्टल सहित अन्य जरूरी काम अब आसानी से पूरे हो सकेंगे। स्कूल मुखिया सहित अन्य अध्यापकों की रुचि भी काम को लेकर बढ़ेगी और बच्चों सहित अन्य तमाम जानकारियां तुरंत विभागीय अधिकारियों तक पहुंचेंगी।
-अमित छाबड़ा, प्रधान राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
स्कूल मुखिया को टैबलेट मिलने से सभी प्रकार का डाटा जल्द अपडेट हो सकेगा। यह विभाग का एक अच्छा कार्य है। हाईटेक प्रक्रिया के तहत अब बिना किसी परेशानी के स्कूल से जुुड़े सभी कार्य ऑनलाइन तरीके से हो सकेंगे।
-सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी।