अंबाला सिटी। शिक्षा, कृषि और सिंचाई विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर नागरिक सुविधा केंद्र यानी सीएससी संचालक की आड़ में लोगों को 10.65 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। शातिरों ने रुपये देने वालों को नियुक्ति पत्र तक थमाए दिए ताकि किसी को शक न हो। एसपी को सौंपी गई शिकायत के आधार पर शहर थाना पुलिस ने मामले में दो आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
मानव चौक के नजदीक रहने वाले बलवंत सिंह ने बताया कि नरुला डेयरी के पास उसकी दुकान है। वहीं पर वह नागरिक सुविधा केंद्र का संचालन कर रहा है। उसके पास राजेश कुमार कंसल निवासी इस्माईलाबाद जिला कुरुक्षेत्र ऑनलाइन कार्य के लिए आया था। उसने बताया था कि वह शिक्षा, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग इत्यादि में सरकारी नौकरी लगवाने का काम करता है। बताया कि कंसल सिक्योरिटी सर्विस के नाम से जीरकपुर रंजन प्लाजा में उसका कार्यालय है।
राजेश ने कुछ विभागों में रिक्त पड़े सेवादार, क्लर्क और सहायक आदि पदों की जानकारी दी। वह आरोपी के झांसे में आ गए और दूसरों से इसकी चर्चा की। कुछ लोगों ने उन्हें दस्तावेज दिए। जब राजेश उनके सेंटर पर आया तो वह दस्तावेजों की फोटो कापी ले गया। बोला, 15 अगस्त से पहले पहले नौकरी लगवा देगा।
सुरक्षा के तौर पर आरोपियों ने दे दिए थे चेक
दस्तावेजों के साथ राजेश ने कुल 5 लाख 15 हजार रुपये भी लिए। लोगों को विश्वास में लेने के लिए आरोपी कंसल ने बदले में उन्हें आईसीआईसीआई बैंक का चेक नंबर 000451 दिनांक 10 नवंबर 2020 दिया। करीब 4-5 महीने बीत गए तब राजेश से बॉस के बारे में बातचीत की। वह एक दिन राजेश कुमार शर्मा नामक व्यक्ति को लेकर सीएससी पर आया। बोला, ये बॉस हैं। दोनों ने आश्वासन दिया कि वे सभी की नौकरी लगवा देंगे।
ज्वाइनिंग लेटर देने के साथ दोनों उनके पास से 5 लाख 50 हजार रुपये और ले गए। राजेश कुमार शर्मा ने उन्हें तीन चेक दिए। इनमें एक एक लाख रुपये, दूसरा डेढ़ लाख रुपये व तीसरा दो लाख रुपये का था। कहा कि बाकी डेढ़ लाख रुपये का चेक नई चेकबुक आने के बाद दे देंगे। इस तरह ज्वाइनिंग लेटर और दी गई राशि के बदले उतनी ही राशि के चेक मिलने से वह आश्वस्त हो गए। बाद में जब पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी हैं तो उनके पांव तले से मानो जमीन खिसक गई। राजेश ने उन्हें डेढ़ लाख रुपये का चेक भी नहीं किया। अब रुपये देने वाले सीएससी संचालक से अपने रुपये मांग रहे हैं।
पुलिस ने सीएससी संचालक की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। यह जांच में ही पता चल पाएगा कि कितने लोगों से सीएससी संचालक ने रुपये लेकर आरोपियों को दिए थे और कितने लोगों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। -रामकुमार, इंस्पेक्टर शहर थाना।