नारायणगढ़ अनाज मंडी में पहुंचे भाकियू जिला प्रधान मलकीत सिंह व अन्य भाकियू नेता।
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गेंहू की फसल के लिए किसानों को यूरिया खाद न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो-दो घंटे लाइन में खड़े रहने और आधार कार्ड व मेरी फसल-मेरा ब्योरा के प्रमाणपत्र की कॉपी दिखाने के बाद ही उन्हें बमुश्किल दो या तीन बैग यूरिया के उपलब्ध हो रहे हैं। मंगलवार को अनाजमंडी स्थित खाद की एजेंसी पर खाद आने की सूचना पर वहां किसान इकट्ठा हो गए।
लगभग दो घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद एजेंसी संचालक ने यह कहकर खाद देने से मना कर दिया कि अभी उसके पास आए खाद का स्टॉक पीओएस मशीन में दर्ज नहीं हुआ है। खाद संचालक ने किसानों को मशीन ठीक होने के उपरांत ही खाद वितरित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने भाकियू नेताओं से बातचीत की। कुछ समय बाद भाकियू चढ़ूनी ग्रुप के जिला प्रधान मलकीत सिंह संधु, अंबाला खंड दो के प्रधान राम सिंह सपेहड़ा, सुखविंदर सिंह, बलजिंदर सिंह, अजायब सिंह आदि अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने मंडी में खाद की एजेंसियों की दुकानों पर खाद की जांच की।
जिला प्रधान मलकीत सिंह ने बताया कि जांच करने के बाद मात्र एक दुकान पर खाद का स्टॉक मिला। भाकियू नेता को खाद विक्रेता ने मशीन ठीक होने के उपरांत खाद वितरित करने का आश्वासन दिया। नेताओं ने मांग की कि कृषि अधिकारी अपने किसी कर्मचारी को भेजकर मंडियों में आने वाले खाद को अपनी देख-रेख में वितरित करवाएं। वहीं प्रशासन को प्रत्येक किसान को जरूरत के अनुसार यूरिया खाद की व्यवस्था करनी चाहिए।
नारायणगढ़ के एसडीएम नीरज कुमार के अनुसार मशीन के खराब होने के कारण खाद का वितरण नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि एक गाड़ी आई थी, जिसका वितरण किया जा रहा है। एक सप्ताह के भीतर 25 हजार बैग मिलने की उम्मीद है।