किसानों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) के सदस्यों ने शनिवार को प्रदर्शन करते हुए टोल को तीन घंटे के लिए फ्री करवाया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और टोल के नीचे दरी बिछाकर बैठ गए। 10 बजे शुरू हुआ किसानों का प्रदर्शन करीब एक बजे तक जारी रहा।
इस बीच पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाते हुए टोल के नीचे से उठने का आग्रह किया, परंतु किसान वहां से नहीं हिले और धरने पर बैठे रहे। जब पुलिस के समझाने के बाद भी किसान अपनी मांगों को लेकर वहीं पर अड़े रहे तब मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट जरनैल सिंह ने किसानों से केंद्रीय परिवहन मंत्री के नाम लिखे ज्ञापन को लिया और किसानों की बातों को सुनते हुए उनकी बात को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर भाकियू किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के प्रधान मलकीत सिंह ने बताया कि किसानों ने टोल संबंधी ज्ञापन के अलावा एक मांग यह भी रही है कि इस बार किसानों को बेमौसमी बारिश के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ा है और उपज भी बहुत कम है। इसीलिए सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस दे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को जल्द ही नहीं मानती है तो उनकी ओर से प्रदर्शन तेज किया जाएगा और अगर सरकार उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लेती है तो वह एक बार फिर हमेशा के लिए टोल फ्री करने से संकोच नहीं करेंगे।
- प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर हरियाणा के नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाए ताकि प्रदेश के आमजन को बेरोजगारी से राहत मिले।
- टोल प्लाजा से 15 किलोमीटर तक क्षेत्र में आने वाले इलाकों को टोल फ्री रखा जाए क्योंकि नजदीकी इलाके के लोगों को दिन में बहुत बार टोल प्लाजा क्रॉस कर इधर से उधर जाना पड़ता है व बहुत से मामलों में घर टोल के एक तरफ होता है और खेत, कार्यालय व अन्य टोल के दूसरी तरफ होता है, इसलिए उनसे टोल चार्ज करना व्यवहारिक नहीं है।
- सभी राजमार्गों पर किसान व कृषि से जुड़े साधन को पूर्णत टोल फ्री रखा जाए, क्योंकि किसान को फसल मंडियों व अन्य जगह गन्ना मिल में ले जाने के लिए व दूसरे जिलों व राज्यों में रोजगार की तलाश में फसलों की कटाई के लिए टोल से गुजरना पड़ता है।
- सभी टोल प्लाजा पर फास्ट टैग अनिवार्य कर परंपरागत पर्ची सिस्टम पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है व फास्ट टैग न होने व बंद होने की स्थिति में जुर्माना स्वरूप दो दोगुना टोल आम जन से वसूला जा रहा है जो कि न्यायसंगत नहीं है।
करीब 6 हजार गाड़ी गुजरने से शंभू टोल से सरकार को हुआ लगभग 6 लाख रुपये का नुकसान
शंभू टोल से एक घंटे में करीब 2 हजार गाड़ी गुजरती है, वहीं सबसे छोटी गाड़ी का एक तरफ का टोल 75 रुपये है और उससे बड़ी गाड़ी का उससे ज्यादा है। ऐसे में करीब तीन घंटे के अंतराल में किसानों के प्रदर्शन के कारण शंभू टोल से सरकार को करीब-करीब 6 लाख रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं इससे पहले भी करीब एक साल तक टोल पूरी तरह से बंद रहे थे, इस कारण भी सरकार को नुकसान उठाना पड़ा है।
हमारे यहां से औसतन एक घंटे में 2 हजार गाड़ी गुजरती है और टोल से कितना नुकसान हुआ है, इसके बारे में स्पष्ट रूप से एनएचएआई ही बता सकता है।
- शिवराज सिंह, मैनेजर, शंभू टोल प्लाजा।