अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल के सर्जरी वार्ड में उपचाराधीन मरीज की पत्नी से छेड़खानी का मामला सामने आया है। महिला ने इस संबंध में अस्पताल के पीएमओ डॉ. राकेश सहल को लिखित में शिकायत देते हुए दो चतुर्थ श्रेणी के अस्थायी कर्मचारियों पर छेड़खानी के आरोप लगाए हैं।
छेड़खानी का मामला होने के कारण पहली बार अस्पताल की इंटरनल ग्रीवेंस कमेटी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें डॉ. रेनू, डॉ. पूजा पेंटल, उप अधीक्षक मदन शर्मा व एक समाजसेवी संस्था का सदस्य शामिल हैं। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और अपनी जांच रिपोर्ट पीएमओ को सौंपेगी। बता दें कि यह मामला पिछले एक सप्ताह का बताया जा रहा है। दोषी पाए जाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। महिला का आरोप था कि पति बीमार होने के कारण पिछले कई दिनों से अस्पताल के सर्जरी वार्ड में दाखिल था। तीन दिन से तो रात के समय पति सो ही नहीं पाते थे और यही कारण था कि वो भी नहीं सो पाती थी। इसी दौरान काफी थकान के कारण वह गहरी नींद में सो हुई थी। इसी बीच उसे एहसास हुआ कि किसी ने उसके साथ छेड़खानी की। वह उठी तो दो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी वार्ड से बाहर निकल रहे थे। पहले तो इस संबंध में कर्मचारियों व स्टाफ नर्स से पूछताछ की। बावजूद कोई समाधान नहीं होते दिखा तो पीएमओ को शिकायत सौंपी। महिला ने गुहार लगाई है कि छेड़खानी करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
बेहद संवेदनशील मामला है। यही कारण है कि अस्पताल की इंटरनल ग्रीवेंस कमेटी को जांच का जिम्मा सौंपा है जो कर्मचारियों सहित महिला से बातचीत कर मामले की गहराई तक जाएगी। दोषी पाए जाने पर कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।
-डॉ. राकेश सहल, पीएमओ छावनी नागरिक अस्पताल