अंबाला। आर्यभट्ट रीजनल साइंस सेंटर उत्तर भारत का सबसे बेहतरीन साइंस सेंटर होगा। यहां विज्ञान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बखूबी ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। सेंटर में फ्लाइट सिमुलेटर भी लगेगा। साइंस सेंटर विद्यार्थियों के लिए सबसे लाभदायक होगा, उन्हें साइंस गैलरी में लाइव वेदर के अलावा अंतरिक्ष विज्ञान, गणित एवं अन्य रोचक जानकारियां हासिल हो सकेंगी। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने सेंटर का निरीक्षण करने पहुंची टीम को यह जानकारी दी।
बता दें कि अंबाला में निर्माणाधीन साइंस सेंटर का सोमवार को दिल्ली से आए नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम के निदेशक डीरामा शामा, कोलकाता से आर्किटेक्चर पारथा दास के अलावा साइंस एंड टेक्नॉलजी विभाग हरियाणा से साइंटिफिक इंजीनियर विशाल गुलिया, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों ने गृह मंत्री विज से भी चर्चा की।
गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि जीटी रोड पर पांच एकड़ भूमि पर 36 करोड़ रुपये की लागत से आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। साइंस सेंटर अपनी तरह का सबसे बड़ा व यूनीक रीजनल साइंस सेंटर होगा। तीन मंजिला बनने वाले साइंस सेंटर में विद्यार्थियों को आधुनिक तरीके से रोचक और अन्य जानकारियां दी जाएंगी। इससे विद्यार्थियों की विज्ञान में रुचि और बढ़ेगी।
बच्चों के अलावा अन्य वर्गों के लिए भी साइंस सेंटर में विभिन्न जानकारियां होंगी। यह ऐसा साइंस सेंटर होगा, जिसमें लाइव वेदर को स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा और वर्चुअल तरीके से भी अन्य जानकारियों को दर्शाया जाएगा। सेंटर का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो, इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर के बनने से अंबाला के लोगों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। साइंस सेंटर पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करेगा। समूचे उत्तर भारत में यह साइंस सेंटर अलग किस्म का होगा।
दो चरणों में पूरा होगा साइंस सेंटर-डी रामा शामा
निरीक्षण के उपरांत दिल्ली से नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम के निदेशक डी रामा शामा ने बताया कि दो चरणों में इसका निर्माण कार्य पूरा करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में ग्राउंड और प्रथम फ्लोर का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। यह निर्माण पूरा होने पर साइंस सेंटर में उपकरणों को लगा दिया जाएगा। ऐसा करने से सेंटर के दो फ्लोर को लोगों के लिए चालू किया जा सकेगा। दूसरे चरण में द्वितीय तल और तृतीय फ्लोर का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। सेंटर में ग्राउंड व तीन फ्लोर होंगे। उन्होंने बताया कि अंबाला में बन रहा साइंस सेंटर एक आधुनिक सेंटर होगा। इसका स्तर रीजनल साइंस सेंटर से भी ऊंचा होगा। उत्तर भारत में इस स्तर का साइंस सेंटर केवल यहीं होगा।
यह होंगी सुविधाएं
साइंस सेंटर के ग्राउंड फ्लोर में डिजीटल एडवेंचर गैलरी, एग्जीबिशन हॉल, कांफ्रेंस हॉल, 132 सीट का ऑडिटोरियम, दो लिफ्ट, शौचालय, प्रोजेक्ट हेड रूम, फ्लाइट सिमुलेटर, एग्जीबिशन डिवेल्पमेंट आदि की व्यवस्था होगी। प्रथम तल पर फन साइंस गैलरी, तारामंडल, साइंस व्याख्यान, वीआर थिएटर, 270 डिग्री प्रोजेक्शन हॉल, इलेक्ट्रिकल रूम, टॉयलेट, हैंडीकैप टायलेट ऑफिस, इनोवेशन हब, दूसरे तल पर साइंस ऑफ स्पोर्ट्स गैलरी, हॉर्टिकल्चर टेक्नॉलाजी, एग्रीकल्चर टेक्नॉलाजी, नैनो टेक्नॉलाजी, इलेक्ट्रिकल रूम व ऑफिस एवं तीसरे तल पर डिफेंस टेक्नॉलाजी गैलरी, हिमालय की वादियां का डिजिटल प्रेजेंटेशन, आकाश को देखने के लिए ओपन स्पेस, बॉयो टेक्नॉलाजी गैलरी व अन्य वस्तुएं प्रदर्शित होंगी।