मुश्किल समय में जल्दी और समझदारी भरा फैसला लेने से हरियाणा के एक किसान ने अपने 3 साल के बेटे की जिंदगी बचा ली।
हरियाणा के इस किसान का बेटा खेत में खेल रहा था और खेलते-खेलते थ्रेशर में हाथ फंस जाने के कारण उसकी बांह शरीर से अलग हो गई।
किसान ने आनन फानन में अपने बेटे को अस्पताल पहुंचाया और 10 घंटे बाद हुई एक सर्जरी में बच्चे का हाथ फिर से जोड़ दिया गया।
पिता की समझदारी
तीन साल के दिव्यांश का हाथ अलग होते ही पिता अरविंद सांगवान ने बेहद समझदारी दिखाई। उन्होंने शरीर का कटा हुआ हिस्सा बर्फ के थैले में रखा और बेटे को मोटरसाइकिल पर बिठा कर नजदीकी अस्पताल ले गए।
यहां से बच्चे को गुड़गांव के मेंदांता अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
दुर्घटना के दो घंटे के भीतर ही सर्जरी शुरू कर दी गई जो देर रात तक चली। डॉक्टरों के मुताबिक दिव्यांश 6 महीने में अपनी बांह से दुबारा काम कर सकेगा।
'सोचा नहीं था बांह जुड़ेगी'
दिव्यांश के पिता के मुताबिक उन्होंने बिल्कुल नहीं सोचा था कि उनके बेटे की बांह दुबारा जुड़ पाएगी।
पिता के मुताबिक आसपास कोई एंबुलेंस न होने के कारण वे बच्चे को बाइक पर पास के अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें मेदांता भेजा गया।
पिता के अनुसार यह दुर्घटना एक झटके में हुई और एक पल किसी को समझ ही नहीं आया था कि बच्चे की बांह शरीर से अलग हो गई।
बिगड़ सकता था मामला
दुर्घटना को बताते हुए दिव्यांश के पिता कहते हैं कि उनका बेटा एक ट्रॉली के पास खेल रहा था। किसी को पता नहीं चला और दिव्यांश थ्रेशर के पास पहुंच गया।
उसका हाथ थ्रेशर की बेल्ट में फंस गया। वह रोता रहा लेकिन थ्रेशर की आवाज के कारण कोई भी आवाज को सुन नहीं सका। जब हम उसके पास पहुंचे तो उसकी बांह शरीर से अलग हो चुकी थी और वह खून में नहाया हुआ था।
इसके बाद उसे जल्दबाजी में अस्पताल में पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अगर इस मामले में अस्पताल पहुंचने में देर होती तो मामला बिगड़ सकता था।