प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़ूी महिलाएं सब्जी उगाकर अपनी आमदनी बढ़ाती हैं।
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कोरोना महामारी और कोरोना कर्फ्यू में आपदा को गोरखपुर जिले के बसहई गांव की महिलाओं ने अवसर में बदल दिया। स्वयं सहायता समूह की इन महिलाओं ने काम बंद होने पर मास्क निर्माण, बिक्री और सब्जी उत्पादन कर विपरीत हालात में भी आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की।
बसहई गांव के प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं कोरोना प्रकोप से पहले हैंडबैग, ट्राउजर आदि बनाती थीं। कुछ महिलाएं ब्यूटी पॉर्लर का संचालन करती थीं। महामारी का प्रकोप बढ़ा तो कोरोना कर्फ्यू लग गया।
समूह की सदस्यों का काम बंद हो गया। इससे आय भी ठप हो गई। समूह की अध्यक्ष ने कोरोना कर्फ्यू में पैदा हुए हालात से निपटने के लिए सभी पदाधिकारियों की मौजूदगी में ग्राम संगठन की बैठक कराई।
बैठक में एक सखी ने प्रस्ताव रखा कि जिन महिलाओं के पास खेत है, वह कोरोना कर्फ्यू के दौरान सब्जी की खेती के लिए समूह की महिलाओं के साथ साझा करें। जो महिलाएं हैंडबैग, ट्राउजर सिलने और ब्यूटी पॉर्लर का काम कर रही थीं, वे मास्क बनाएं।