देवरिया जिले में माफिया मुन्ना मिश्रा को जेल भेजने के बाद बिहार व प्रदेश की पुलिस ने उसके सहयोगियों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं यूपी में उसकी प्रॉपर्टी दस्तावेजों को भी पुलिस तलाश कर रही है। यूपी व बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार दोपहर में मुन्ना की दुकान में सर्च किया। अगल-बगल के दुकानदारों से मुन्ना के करीबियों की जानकारी जुटाई।
बिहार का कुख्यात मुन्ना मिश्रा व उसकी पत्नी आसमा उर्फ अंजू को यूपी-बिहार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में बघौचघाट के नर्वदेश्वर गेट खुदवा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया था। बिहार पुलिस ने दोनों को जमुनहा बाजार के शिक्षक दिलीप सिंह की हत्या में जेल भेज दिया। अब यूपी-बिहार पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत देवरिया जिले में मुन्ना के करीबियों व सहयोगियों की तलाश शुरू कर दी है।
मंगलवार दोपहर में काटया थाना प्रभारी सुमन कुमार मिश्रा व बघौचघाट थाना के एसआई रविंद्र नाथ यादव ने रामपुर महुआवारी चौराहे पहुंच कर मुन्ना मिश्रा के दुकान की तलाशी की। मुन्ना के प्रापर्टी के दस्तावेज का भी पुलिस पता लगा रही है।
पुलिस को शक है कि मुन्ना ने देवरिया में अपराध की कमाई से प्रापर्टी बनाई है। वहीं कुछ बैंकों में भी पुलिस पता लगा रही है कि आसमा के नाम खाता तो नहीं है। बिहार की पुलिस यूपी में मुन्ना के सहयोगियों का पता लगा रही है। मुन्ना के सभी ठिकानों पर पुलिस सर्च ऑपरेशन चला कर दस्तावेजों का पता लगाएगी।
तरकुलवा के बंजरिया बाजार में भी दुकान चलाने की व मुन्ना के रहने की संभावना पर पुलिस जांच कर रही है। क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि बिहार पुलिस मुन्ना के सहयोगियों व दस्तावेजों की जांच कर रही। हमारी पुलिस पूरी तरह सहयोग में लगी हुई है।