कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों की तरफ से आयोजित भारत बंद का गोरखपुर में कोई खास असर नहीं दिखा है। सारी दुकानें खुली रहीं। वाहनों का आवागमन सामान्य तरीके से चलता रहा। वामपंथी संगठनों के संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया गया। गेट पर कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस सक्रिय हुई तो धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। हालांकि दोनों पक्ष ने समझदारी दिखाते हुए दो कदम पीछे हटकर प्रदर्शन संपन्न कराया। इसके अलावा भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील गेट से कचहरी चौराहे तक प्रदर्शन किया। कचहरी चौराहे पर धरना दे रहे कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर वामपंथी दल, लोकतांत्रिक जनता दल, राष्ट्रीय जनता दल आदि के कार्यकर्ता एक साथ नगर निगम कार्यालय गेट पर पहुंचे और कृषि कानून रद्द करो, श्रम संहिता रद्द करो, बिजली बिल 2020 वापस लो आदि नारा लगाते हुए आगे बढ़ने लगे। पहले से मौजूद पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी लौटे और गोलघर, टाउनहॉल, चेतना तिराहा से वापस कचहरी गेट होते हुए गांधी प्रतिमा के पास पहुंचकर सभा किए।
इस सभा को भाकपा माले जिला सचिव राजेश साहनी, भारतीय किसान यूनियन समाज के प्रदेश अध्यक्ष लाल सिंह, भाकपा नेता राममूर्ति एवं लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेश महासचिव गौतम लाल श्रीवास्तव आदि ने संबोधित करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। इस दौरान रामकिशुन सिंह चौधरी, महेश्वर सिंह, विनोद भारद्वाज, मनोरमा चौहान, अहमद मूसा, महेंद्र सिंह राणा, रवि शंकर सिंह, अश्वनी पांडेय, राम यश प्रसाद, मोहम्मद शरीफ, जयप्रकाश नारायण, फतेह बहादुर सिंह, शंकर यादव, उमेश सिंह, जयप्रकाश नारायण, सत्येंद्र यादव, अमरीश यादव, शिव बचन, यादव, कामरेड शंकर, उमेश सिंह ,कामरेड लाल बिहारी, मुनि पंकज पासवान ,अजय भारती, सुग्रीव निषाद आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने दोपहर में मंडल अध्यक्ष सतीश चंद्र ओझा व जिलाध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन किया। तहसील गेट से निकले भाकियू कार्यकर्ता कचहरी चौराहे पर पहुंचे और वहीं सड़क जामकर धरना पर बैठ गए। भाकियू नेताओं का कहना था कि सरकार ने जो नया कृषि कानून बनाया है वह किसानों की बजाय पूंजीपतियों का भला करने वाला है। नए कानून के प्रभाव के चलते सरकारी खरीद एजेंसियां निष्क्रिय हो जाएंगी और उनकी जगह पर प्राइवेट कंपनियां किसानों का शोषण करेंगी। सड़क जाम की सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लिया। इस दौरान वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विष्णुदत्त तिवारी, राकेश तिवारी, ब्लाक अध्यक्ष अमृत पासवान, सदर तहसील अध्यक्ष रामजीत कन्नौजिया, गौरव कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।