दिल्ली से बिहार जा रही बस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस्ती जिले की सीमा पर गोंडा जिले के नवाबगंज थानाक्षेत्र के इस्माइलपुर के पास रविवार सुबह करीब सात बजे अनियंत्रित होकर किनारे खड़े ट्रेलर से जा टकराई। जिसमें सवार 12 लोगों से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची नवाबगंज और बस्ती के घघौवा चौकी की पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर दो लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जिनमें श्याम नारायण सिंह निवासी हुंड़रा कुंवर थाना हर्रैया और अमन निवासी चेहरा कला वैशाली बिहार शामिल हैं।
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। गुहार सुनकर आसपास के लोगों के अलावा विक्रमजोत चौकी इंचार्ज विनय सिंह पहुंचे और एंबुलेंस से लोगों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं मुकामी पुलिस काफी देर बाद मौके पर पहुंची। इधर मौका पाकर ट्रेलर चालक वाहन लेकर भाग गया। घायलों में दिलखुश कुमार व निशांत निवासी मधेपुरा, जयकुमार यादव निवासी सुकरौल, मोहम्मद रशीद निवासी अररिया, कुंदन निवासी भोजपुर, निशांत जायसवाल व सुधीर गोस्वामी निवासी सकतपुर दरभंगा बिहार, नूर मोहम्मद भावतनगर दिल्ली, मोहम्मद नौशाद अंसारी जमालपुर दरभंगा बिहार, अमन निवासी चेहरा कला वैशाली बिहार, मुन्नी पत्नी रामदेव सुंदरपुर सुपौल बिहार, कमलेश यादव साननपट्टी लौकहीं मधुबनी बिहार एवं फुली पासवान मधुबनी बिहार गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए श्रीराम अस्पताल अयोध्या भर्ती कराया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद स्थित गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल अयोध्या के लिए रेफर कर दिया गया।
खड़े वाहन से टकराई बस
छावनी थानाक्षेत्र के शंकरपुर गांव के पास रविवार को हाइवे खड़े वाहन से एक प्राइवेट सवारी बस पीछे से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और यात्री मामूली रूप से चोटिल हुए। सूचना पहुंचे चौकी प्रभारी विक्रमजोत मनीष जायसवाल ने लोगों को दूसरे वाहन से उनके गंतव्य को रवाना किया। एनएचआई कर्मियों की मदद से बस को हाईवे से हटवाकर किनारे कराया। बस चालक वाहन छोड़कर भाग गया।
तेज रफ्तार बनी जानलेवा
हाईवे पर बेवजह खड़े वाहन और सवारी वाहनों की रफ्तार यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो गोंडा जिले के नवाबगंज थानाक्षेत्र के इस्माइलपुर में रविवार की सुबह दुर्घटना का यही प्रमुख कारण रहा। आए दिन हाईवे चलने वाले भारी वाहनों के चालक सड़क पर ही वाहनों को खड़ाकर अपनी दैनिक चर्या या फिर नींद पूरी करते हैं। वहीं लंबी दूरी के लग्जरी यात्री वाहन तेज रफ्तार के चलते दुर्घटना का शिकार बनते हैं। यात्रियों को अपनी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।