डॉ. एनके वर्मा ने कहा कि संक्रामक बीमारी होने की वजह से छोटे बच्चों को बचाने की जरूरत है। यह बीमारी छोटे बच्चों पर ज्यादा असर करती है। इसलिए अगर घर में किसी अन्य को दिक्कत है, तो बच्चों से दूरी बनाएं रखें। बड़े भी बीमारी से बचकर रहें। उन्हें भी यह बीमारी हो सकती है।
जांच की नहीं है जरूरत
डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि शरीर पर पानी भरे हुए दाने, अंगुलियों और तलवे पर दाने, मटर से छोटे दाने, बुखार, खुजली होने पर जांच की जरूरत नहीं है। अब तक टोमैटो फ्लू की जांच की कोई सुविधा जिला अस्पताल में नहीं है। अगर लक्षण दिखते हैं, तो जांच कराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर की सलाह पर तत्काल दवा का सेवन शुरू करें।
स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में जाएगी
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि टोमैटो फ्लू के मामले अब तक सामने नहीं आए हैं। कुछ स्कूलों से सूचना मिली है कि कुछ विद्यार्थियों में टोमैटो फ्लू के लक्षण मिले हैं। ऐसे स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा जाएगा। एसीएमओ डॉ. एके चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसीएमओ टीम के साथ मंगलवार को स्कूलों में जांच के लिए जा सकते हैं। अगर कोई बच्चा टोमैटो फ्लू से पीड़ित मिलता है तो इलाज किया जाएगा।