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गोरखपुर: STF कर्मी बनकर रंगदारी मांगने पर शिक्षक समेत तीन गिरफ्तार, नियुक्ति को फर्जी बता करते थे वसूली

Wed, 21 Sep 2022 12:19 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

 बेसिक शिक्षा विभाग व एसटीएफ से जांच कराने के नाम पर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों से रंगदारी मांगने एवं न देने पर जान से मारने की धमकी देने वाले गिरोह की सूचना एसटीएफ को मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि प्राथमिक विद्यालय जानीपुर में तैनात शिक्षक महेंद्र प्रताप सिंह को फोन किया गया था।
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एसटीएफ की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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खुद को एसटीएफ कर्मचारी बताकर शिक्षकों से रंगदारी मांगने व जान से मारने की धमकी के आरोप में शिक्षक गिरधारी लाल जायसवाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार रात तहसील गेट के पास से गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।  गिरधारी की पत्नी भी शिक्षक हैं। एसटीएफ के मुताबिक, पत्नी की नियुक्ति जांच के घेरे में है।

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कैंट पुलिस ने इस मामले में रंगदारी मांगने और हत्या की धमकी के दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। पूछताछ में पता चला कि तीनों आरोपी खुद को एसटीएफ कर्मी बताकर शिक्षकों को फोन कर धमकी देते थे। बताते थे कि जांच में आपकी डिग्री फर्जी मिली है। जल्द ही बर्खास्तगी होगी। इसी धमकी के सहारे वसूली भी करते थे।

पुलिस के मुताबिक, बेसिक शिक्षा विभाग व एसटीएफ से जांच कराने के नाम पर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों से रंगदारी मांगने एवं न देने पर जान से मारने की धमकी देने वाले गिरोह की सूचना एसटीएफ को मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि प्राथमिक विद्यालय जानीपुर में तैनात शिक्षक महेंद्र प्रताप सिंह को फोन किया गया था। शिक्षक की तहरीर पर कैंट पुलिस ने 10 अगस्त को रंगदारी मांगने की धारा में केस दर्ज किया था। एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम जांच में लगी थी।
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इसी दौरान सोमवार को आरोपियों ने फोन कर शिक्षक महेंद्र सिंह को पैडलेगंज बुलाया गया। यहां पर बुलाने के बाद आरोपियों ने धमकी दी कि अगर, रुपये नहीं दोगे तो हत्या कर दूंगा। पीड़ित महेंद्र की तहरीर पर सोमवार को कैंट पुलिस ने एक और केस दर्ज कर लिया।

 इसी बीच सोमवार रात तहसील गेट के पास आरोपियों के होने की सूचना मिली। एसटीएफ गोरखपुर प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह और कैंट थाना प्रभारी शशिभूषण राय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
 

इनकी हुई गिरफ्तारी

पकड़े गए आरोपियों की पहचान बस्ती जनपद के गौर थाना क्षेत्र के आमा बाजार निवासी गिरधारी लाल जायसवाल, महराजगंज जनपद के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल निवासी राजकुमार यादव और बेलीपार इलाके के भौवापार निवासी रुद्रप्रताप यादव उर्फ आरपी के रूप में हुई।

शिक्षक है गिरधारी, बर्खास्त हो चुका है राजकुमार
पकड़ा गया आरोपी गिरधारी लाल जायसवाल पूर्व माध्यमिक विद्यालय जंगल डुमरी नंबर एक भटहट ब्लॉक में शिक्षक है। जबकि राजकुमार यादव बर्खास्त शिक्षक है। यह फर्जी डिग्री पर नौकरी कर चुका है। राजकुमार की पत्नी सीमा यादव सोनबरसा प्राथमिक विद्यालय पनियरा में अध्यापक रह चुकी हैं, वर्तमान में नौकरी छोड़ दी है।

पहले भेजा पत्र फिर रंगदारी न मिलने पर दी धमकी
आरोपी राज कुमार यादव ने बताया कि गिरधारी लाल जायसवाल ने उसे और रुद्र प्रताप को बताया कि महेंद्र प्रताप सिंह फर्जी शिक्षक हैं। इस पर तीनों ने आपस में मिलकर षड्यंत्र कर रजिस्टर्ड डाक से एक पत्र महेंद्र प्रताप सिंह के पते पर भेजा। पत्र को उसने अपने हस्तलेख में लिखा था। पत्र में रंगदारी न देने पर एसटीएफ व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जांच कराने की धमकी दी गई। पत्र में अपना मोबाइल नंबर भी दिया था।

बर्खास्त शिक्षक ने दिया था शिक्षक का नाम
जिस महेंद्र सिंह शिक्षक से रंगदारी मांगी गई थी, उनका नाम बर्खास्त शिक्षक विनय कुमार शर्मा ने बताया था। उसने ही बताया था कि महेंद्र सिंह से रुपये मांगने पर वह दे देगा। धमकी भरा पत्र भेजने के दौरान एक खाता संख्या भी दिया गया था, जिसमें रुपये मांगे गए थे।

 

राज कुमार ने दो स्कूलों से लिया था वेतन

शिक्षक महेंद्र सिंह को आरोपियों ने भेजे गए रंगदारी पत्र में सुनील कुमार नाम के एक शख्स का खाता नंबर दिया था। जांच में पता चला कि यह खाता भी राजकुमार का ही है। आरोपियों ने बताया कि सुनील कुमार यादव के नाम से राजकुमार ही विशुनपुर फुलवरिया प्राथमिक पाठशाला लक्ष्मीपुर ब्लॉक, महराजगंज में शिक्षक के पद पर तैनात था। फिलहाल नौकरी छोड़कर कुछ दिन तक वह फरार रहा। लेकिन, इसके बाद एक बार फिर उसने फर्जी/कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज के आधार पर धनगढ़ा प्राथमिक विद्यालय ब्लॉक परतावल महराजगंज में राजकुमार के नाम से नौकरी करनी शुरू कर दी है। राजकुमार इतना शातिर है कि वह दोनों स्कूलों से सरकारी वेतन उठा रहा था। एसटीएफ के मुताबिक, राज कुमार ने दो बार सरकारी नौकरी की और बर्खास्त भी हुआ। दोनों बार वेतन का भुगतान हुआ था। इस प्रकरण में शामिल लोगों के खिलाफ अब भी जांच चल रही है।  

राज कुमार ने की दो शादियां
एसटीएफ के मुताबिक, राजकुमार यादव की पत्नी सीमा यादव सोनबरसा प्राथमिक विद्यालय ब्लॉक पनियरा, महराजगंज में अध्यापक पद पर नियुक्त थी। फिलहाल, वह नौकरी छोड़ चुकी है। एसटीएफ के मुताबिक, राजकुमार ने दो शादी कर रखी है और रंगदारी के रुपयों से दोनों पत्नियों को कार, घर और बेहतर लाइफ का सुख देता है। जबकि, गिरधारी लाल जायसवाल की पत्नी प्रीति जायसवाल जंगल डुमरी नंबर-1 भटहट प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक के पद पर नियुक्त हैं। इन लोगों के फर्जी/कूटरचित नियुक्त होने की एसटीएफ अलग जांच करेगी।

यह हुई बरामदगी
आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन, 3 सोने की अंगूठी, एक आधार कार्ड, एक वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, डीएल, शिकायती पत्र आदि कई सामान बरामद किए हैं।

 
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प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए नहीं आया गिरधारी

एसटीएफ के हत्थे चढ़े शिक्षक गिरधारी लाल जायसवाल की रसूख और मनमानी से उसके विद्यालय पर तैनात प्रधानाध्यापक समेत शिक्षक और ग्रामीण भी परेशान थे। एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक वह स्वयं कभी विद्यालय पर समय से नहीं आता है। 11 बजे विद्यालय आने के बाद उपस्थिति पंजिका उपलब्ध न कराने पर प्रधानाध्यापक से भिड़ जाता था।   उसके व्यवहार से क्षुब्ध शिक्षकों ने अगस्त में उसके खिलाफ बीएसए से शिकायत की थी। शिकायत का संज्ञान लेकर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। टीम ने भटहट ब्लॉक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जंगल डुमरी नंबर-1 में जाकर वहां शिक्षकों, बच्चों और ग्रामीणों से पूछताछ की तो सबने गिरधारी के फर्जी होने की शिकायत की।

 इस पर टीम ने उसे दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत होने का निर्देश दिया। मगर, वह कभी अपने दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत नहीं हुआ। विभाग की ओर से उसके इस रवैया पर कार्रवाई की तैयारी चल ही रही थी कि तब तक एसटीएफ ने उसे दबोच लिया है।  एसटीएफ के मुताबिक अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर ही गिरधारी लाल जायसवाल ने परिवार के दूसरे सदस्यों को भी नौकरी दिलाई है।


 
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