गोरखपुर सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे।
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ग्रीनलैंड हॉस्पिटल के निदेशक व वरिष्ठ सर्जन डॉ. डीके गुप्ता ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के आसपास एंबुलेंस चालकों पर अंकुश लगना चाहिए। संगम आई हॉस्पिटल के निदेशक नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वाई सिंह ने दिव्यांगों के लिए जिला अस्पताल से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर रैंप बनाने का मु्द्दा उठाया। बताया कि आईएमए और सक्षम के सहयोग से बीआरडी में मिल्क बैंक की स्थापना की जा रही है।
गुलाटी डेंटल केयर के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव गुलाटी ने कोरोना के दौरान किए गए इंडियन डेंटल एसोसिएशन के कार्यों को गिनाया। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष पैथालॉजिस्ट डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने बढ़ रहे पर्यावरण प्रदूषण पर चिंता जताई। कहा- शहर में विकास तेजी से हो रहे हैं। जब विकास होगा तो प्रदूषण बढ़ेगा। इस पर सचेत होने की जरूरत है।
पल्स हार्ट केयर के निदेशक व हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पीसी शाही ने कहा कि तनाव की वजह से युवा हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। इस पर युवाओं को जागरूक करने की जरूरत है। डॉ. मनोज जायसवाल ने सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों की स्क्रीनिंग जरूरी है। इससे समय पर गंभीर रोगों का पता लगाया जा सकता है। मित्तल आई हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. अमित मित्तल का कहना है कि डॉक्टर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर रहे हैं। जिन मरीजों का इलाज किया जाता है, उन सबको पौधा भेंट किया जाता है।
आईएमए के सचिव व वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन अग्रवाल ने कहा कि झोलाछाप लोग डॉक्टरों का नाम खराब कर रहे हैं। झोलाछाप की वजह से 90 फीसदी मरीज अच्छे डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब उनकी स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। मजबूरी में आईएमए के डॉक्टरों को उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है। टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन पर स्वास्थ्य विभाग से सहयोग भी मांगा। झोलाछाप का मुद्दा डेंटल सर्जन डॉ. सुश्रेया तिवारी व कर्व डेंटल क्लीनिक की डॉ. अर्पिता सिंह ने भी उठाया।
दोनों महिला डॉक्टरों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों की स्क्रीनिंग ज्यादा जरूरी है। इससे सही समय पर मुख के कैंसर का पता लगेगा। सीएचसी और पीएचसी में भी डेंटिस्ट की नियुक्ति की जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में दांत व मुख में इंफेक्शन के मामले बढ़े हैं। सही व समय पर इलाज न मिलने की वजह से कैंसर के मामले भी ज्यादा आ रहे हैं। पीसी हॉस्पिटल के निदेशक व वरिष्ठ सर्जन डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि जब हम टैक्स दे रहे हैं, तो सुविधाएं भी उसी अनुसार मिलनी चाहिए। डॉ. अतुल कुमार ने कहा कि बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बेटियों का नियमित टीकाकरण जरूरी
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. बबिता शुक्ला ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के टीके की बात कही और सुझाव दिया कि इसे नियमित टीकाकरण में शामिल किया जाना चाहिए।निजी अस्पतालों में ये टीके महंगे हैं। 9-14 वर्ष की बेटियों को टीके की दो डोज लगती है, जबकि 15-25 वर्ष की बेटियों को टीके की तीन डोज लगती है। टीकाकरण के बाद सर्वाइकल कैंसर नहीं होता है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने बेटियों और महिलाओं की एनीमिया जांच पर स्वास्थ्य विभाग से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि समय से अगर जांच होती है तो बेटियों और महिलाओं की सेहत अच्छी होगी।
आईएमए गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष डॉ. शिवशंकर शाही ने कहा कि झोलाछाप के खिलाफ प्रशासन का पूरा सहयोग किया जाएगा। कानून का दुरुपयोग अगर आईएमए का डॉक्टर भी करता है तो उसके खिलाफ भी लड़ाई लड़ी जाएगी। आईडीए, आईएमए और स्वास्थ्य विभाग मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों को जागरूक करें।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी शुक्ला और आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ. इमरान अख्तर ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत पैकेज पर सोचने की जरूरत है। इस पैकेज में कुछ खामियां हैं, जिन्हें और बेहतर किया जा सकता है। एमडी मेडिसिन डॉ. संजीव गुप्ता ने मौजूदा समय में वायरल फीवर के बढ़ते मरीजों को लेकर चिंता व्यक्त की। कहा कि इस पर स्वास्थ्य विभाग को स्क्रीनिंग कर मरीजों की पहचान करनी चाहिए।
आयुष्मान योजना में डेंटिस्टों का पैकेज बढ़ाया जाए
आईडीए के अध्यक्ष डॉ. चेन कोवाई ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीज झोलाछाप के चक्कर में फंसकर मर्ज बढ़ा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है। आईडीए के समन्वक डॉ. अरुण प्रताप मल्ल ने कहा कि आयुष्मान योजना में डेंटिस्टों का पैकेज बढ़ाने की जरूरत है। सचिव डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि दंत क्लीनिक का भी पांच साल के लिए पंजीकरण की सुविधा दी जाए।
निगेटिव न्यूज से आर्थिक रूप से कमजोर मरीज डर जाता है
अंश आर्थोपेडिक सेंटर के निदेशक व बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. अमित मिश्रा ने कहा कि मीडिया में जब डॉक्टरों के खिलाफ निगेटिव न्यूज निकलती है तो आर्थिक रूप से कमजोर मरीज डर जाता है। इसकी वजह वह इधर-उधर भटकता है। इस पर जरूरी है कि न्यूज प्रकाशित करने से पहले उसकी पूरी पड़ताल की जाए।
आरबी आर्थो केयर के निदेशक व हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ भारतेंदु जैन ने कहा कि सीएचसी और पीएचसी पर इलाज बेहतर मिले तो स्थिति और भी अच्छी हो सकती है। मरीज गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचेगा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ. गगन गुप्ता ने कहा कि 108 और 102 के एंबुलेंस चालकों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। बताया जाना चाहिए कि न्यूरो के मरीजों को पेट के बल लिटाकर लाएं।
बांबे हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अजय शुक्ला ने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए शहर में पेन क्लीनिक खोली जाएगी। इसके लिए बात चल रही है। आईएमए के सरंक्षक डॉ. आरपी त्रिपाठी ने कहा कि स्वच्छता अभियान चलाने की जरूरत है। स्वच्छता के बल पर ही इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर काबू पाया गया। एंबुलेंस चालकों पर नकेल कसने की जरूरत है। आबादी के बीच हेल्थ एटीएम लगने चाहिए। इससे समुदाय को ज्यादा लाभ होगा।
मंथन के दौरान इन मुद्दों पर भी चर्चा
- कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना। स्पोर्ट्स मेडिसिन की व्यवस्था।
- ट्रॉमा और बर्न वार्ड का विस्तार।
- न्यूक्लीयर और जेनेटिक मेडिसिन की स्थापना।
- मरीजों के लिए पब्लिक टायलेट।
- हॉस्पिटल और क्लीनिक के बगल में स्लाटर हाउस बंद हो।
- मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था बेहतर हो।
- ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की स्क्रीनिंग।
- जीडीए व्यवहारिक नियम बनाए।
- मनमानी करने वाले एंबुलेंस चालकों के खिलाफ अभियान।
आज एक मंच पर होंगे शिक्षाविद
‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ की कड़ी में बुधवार को शिक्षाविद और शिक्षक एक मंच पर होंगे। नगर निगम के नवीन सभागार में शिक्षा के विकास, चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा होगी। एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी प्रो. अश्विनी मिश्रा और जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया की मौजूदगी में शिक्षाविद अपनी बात रखेंगे। संवाद का यह सिलसिला 24 सितंबर तक चलेगा।
अमर उजाला की अनूठी मुहिम का वेन्यू पार्टनर नगर निगम है। मेयर सीताराम जायसवाल और नगर आयुक्त अविनाश सिंह का विशेष सहयोग है। हॉस्पिटैलिटी पार्टनर रेड कारपेट है। निदेशक शिवम सिंह का विशेष सहयोग है।