सऊदी अरब में चार साल से बंधुआ मजदूर के रूप में जीवन जीने को मजबूर सलेमपुर, भटहट निवासी तबरेज अंसारी 18 सितंबर को अपने वतन लौटेंगे। उनकी वापसी मानव सेवा संस्थान सेवा और अंतराष्ट्रीय प्रवास संगठन के प्रयासों से हो रही है।
मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेशमणि के अनुसार जनपद के ग्राम सलेमपुर निवासी तबरेज अंसारी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं। चार साल पहले एक एजेंट ने उन्हें सऊदी अरब निवासी प्रायोजक हाजी जफर अलकहलानी के यहां ड्राइवर की नौकरी करने के लिए भिजवाया था। आभा मुशैत निवासी प्रायोजक ने उसे एक माह तो ड्राइवर के रूप में रखा इसके बाद उसे अपनी किराने की दुकान में कार्यकर्ता के रूप में काम करने को मजबूर किया।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रायोजक ने तबरेज पर दो-तीन बार दुकान में चोरी करने का आरोप लगाकर प्रताड़ित किया। अपनी जेब से चोरी का सामान बदलने को मजबूर करने और केस दर्ज कराने की धमकी दे कर डराता रहा। तबरेज को बंधुआ मजदूर की तरह काम करने को मजबूर कर रहा है, न तो पूरी तनख्वाह दे रहा है और न ही छुट्टी। परिजनों की अपील पर राजेशमणि ने भारतीय दूतावास, डॉ. औसाफ सईद भारतीय राजदूत सऊदी अरब को ईमेल का पीड़ित की मदद करने की अपील की।
त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय दूतावास ने तबरेज का संपर्क नंबर मांगा और उनसे बात की। इसके बाद तबरेज को भारत भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की। बुधवार को तबरेज ने फोन पर बात कर मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि और परिवार वालों को सूचना दी कि वह 18 सितंबर को भारत लौट रहे हैं।