उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के कोल्हुई थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को निकाह के दौरान दूल्हे के जाति वर्ग का पोल खुल गई। इसके बाद लड़की पक्ष के लोगों ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, हंगामा शुरू हो गया। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो दोनों बालिग होने के कारण पुलिस भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। लिहाजा बगैर शादी दोनों पक्ष घर लौट गए।
पुलिस के अनुसार, किसी भी पक्ष से तहरीर न मिलने के कारण कोई कार्रवाई संभव नहीं है जिसे दोनों पक्ष बिना शादी किए अपने घर चले गए। मामला कोल्हुई थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती से सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले एक युवक से सोशल मीडिया पर चैटिंग के दौरान दोनों में प्यार हो गया।
दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी रहा। इसमें दो साल का वक्त गुजर गया। इसके बाद दोनों ने शादी करने की इच्छा जताई। युवती के घर वालों ने शादी पर सहमति जताते हुए बरात लाने की बात कही तो युवक ने कोरोना महामारी का हवाला देते हुए दो चार लोगों को ही बरात लाने की बात कही।
युवक रविवार को कुछ लोगों के साथ निकाह करने आया। मौलवी ने निकाह पढ़ाना शुरू किया। इस बीच कुछ शब्दों को बोलने के दौरान वह हकलाने लगा। मौलवी को शक हुआ तो उसकी तलाशी लेने पर जेब में पैन कार्ड मिला जिससे उसके समुदाय की पोल खुल गई। दूल्हे के साथ उसके घर वाले शादी में नहीं आए थे। प्रभारी निरीक्षक कोल्हुई दिलीप शुक्ला ने कोई कार्रवाई नहीं होने की पुष्टि की।