तुर्कमानपुर में जिस मकान में रहते थे वहां 2013 में पत्नी संग जाकर हालचाल पूछा था सुब्रत रॉय ने।न
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वर्ष 2009 में पापा की तबीयत खराब थी। मैंने सुब्रत राॅय के पीए को फोन करके बताया। उस समय वह कनाडा में थे। पीए ने बात कराई तो बोले, दवा और रुपये की जरूरत हो तो पीए को बता देना। अच्छा होगा लखनऊ लेकर आ जाओ। इसके दूसरे दिन पिता जी का निधन हो गया। 19 अप्रैल 2010 को जब वह गोरखपुर आए थे तो घर पर भी आए। कहा, परेशान मत होना। मैं हूं अभिभावक के रूप में। इसके कुछ दिन बाद ही उन्होंने सहारा समूह में मुझे विधिक सलाहकार बना दिया।
यह कहना है शक्ति श्रीवास्तव एडवोकेट का, जिनके तुर्कमानपुर आवास में सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत राॅय रहते थे। शक्ति बुधवार की सुबह श्रद्धांजलि देने रवाना हो गए थे। स्मृतियों को साझा करते हुए शक्ति ने बताया कि पिता के न होने की कमी उन्होंने कभी खलने नहीं दी।
बताया कि मुझे याद है कि उनके बड़े बेटे की शादी थी। हम लोग भी परिवार के साथ गए थे। उनके पास ही था। वहां फिल्म निर्देशक सुभाष घई, करीना कपूर और कपिल देव थे। कपिल देव ने सुब्रत राॅय से पूछा ये लड़का कौन है, उन्होंने मुस्कराते हुए मेरे घर का नाम बताया पपलू। कहा-मेरे मकान मालिक का लड़का। यह उनकी शालीनता और सहजता की मिसाल थी।
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