बुधवार रात अचानक एमबीबीएस छात्र कैंपस में आ गए और गेट को देर रात तक खोलने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना पाकर एम्स प्रशासन के लोग भी पहुंच गए और छात्रों को समझाने लगे। बाद में एम्स प्रशासन ने रात 10:30 बजे तक गेट खुला रखने की मौखिक अनुमति दे दी, लेकिन छात्र माने नहीं।
छात्रों का कहना है कि उन्हें पढ़ने और घूमने के लिए एम्स प्रशासन को समय देना चाहिए। छात्रों को देर रात शांत कर हॉस्टल में वापस भेजा गया।
छात्रों की एम्स प्रशासन से यह है मांग
- लाइब्रेरी का टाइम बढ़ाया जाए, छात्र डबल शेयरिंग या फिर ट्रिपल शेयरिंग में रहते हैं। अभी फिलहाल लाइब्रेरी टाइम आठ बजे तक का है।
- मेस में चार टाइम का पैसा लिया जा रहा है। जबकि, तीन टाइम खाना खिलाया जा रहा है। मेस में कूपन सिस्टम किया जाए, ताकि जितना खाएं, उतने का भुगतान करें।
- स्टूडेंट वेलफेयर कमेटी को बदला जाए।
- हॉस्टल में पांच मिनट लेट एंट्री पर 5,000 की फाइन लगा दी गई है। उसको हटाया जाए।
- ओपीडी और आईपीडी में छात्रों का इलाज फ्री ऑफ कॉस्ट करवाया जाए।
एम्स मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा प्राथमिकता है। अभी तक रात नौ बजे के नियम का पालन किया जा रहा। छात्र इसे बंदिश मान रहे हैं, छात्रों को रात के समय में कुछ रियायत दी जाएगी। कई और मांगें हैं, जिस पर बातचीत हुई है। एमबीबीएस छात्रों के अभिभावकों को भी इसकी सूचना दी जाएगी।