बस्ती जिले में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी और उसके पेट में पल रहे सात माह के गर्भस्थ शिशु का भविष्य क्या होगा, यह तो वक्त बताएगा लेकिन पीड़िता के पिता ने उन्हें उनका हक दिलाने की ठान ली है। पीड़िता के पिता का कहना है अब वह ईश्वर से यही विनती करता है कि उसकी बेटी का प्रसव सुरक्षित हो। उनका कहना है कि बेटी को हक दिलाने के लिए वह कुछ भी करने को तैयार है।
उधर, पुलिस ने भी सामूहिक दुष्कर्म के तीनों आरोपियों बृजेश निषाद, गोरख निषाद और प्रदीप निषाद पर सोमवार को गैगस्टर की कार्रवाई कर चुकी है। एसपी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि पीड़िता का चाइल्ड लाइन के जरिए काउंसलिंग भी कराई जा रही है। यदि अभिभावक की तरफ से डीएनए टेस्ट कराने का आवेदन दिया जाएगा तो पुलिस उसके लिए भी तैयार है।
ये है पूरा मामला
13 जून को जिले में हैरान करने वाली घटना सामने आई थी। कप्तानगंज थानाक्षेत्र की एक 15 साल की किशोरी से तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से मार देंगे। डर के मारे पीड़िता ने अपनी जुबान बंद रखी। मगर पांच महीने बाद जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो मां डॉक्टर के यहां ले गई। तब पता चला कि उसके पेट में पांच माह का गर्भ है।
जानकारी होने पर परिवार वालों के पैरों तले जमीन सरक गई। पीड़िता के पिता के अनुसार, वह थाने पर तहरीर लेकर गए। जिसमें बताया कि उसकी बेटी पांच जनवरी को सीवान में घास काटने गई थी। उसी समय गांव के तीन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। दूसरे ही दिन तीनों गिरफ्तार करके जेल भेज दिए गए।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने सवा महीने के भीतर ही अदालत में आरोप पत्र भी भेज दिया। अब पुलिस उन पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले गर्भपात कराने की भी बात उठी लेकिन इसके लिए न तो परिवार के लोगों ने सहमति दी और न ही इलाज कर रहे डाक्टरों ने ही इजाजत दी। आखिरकार पीड़िता के पिता ने ठान लिया कि वह नाबालिग बेटी का सुरक्षित प्रसव कराएगा। डाक्टरों ने इसके लिए अक्टूबर माह की 13 तारीख के आसपास की प्रसव की संभावित तिथि बताई है।