गोरखपुर के नूर मोहम्मद जिंदा है, उसके जीवित होने की रिपोर्ट एसडीएम सहजनवां ने कमिश्नर रवि कुमार एनजी व डीएम विजय किरन आनंद को भेजी है। एसडीएम सुरेश कुमार राय का कहना है कि अब आला अधिकारी ही नूर मोहम्मद के संबंध में निर्णय लेंगे। इस मामले में तत्कालीन कानूनगो व लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश भी हुई है।
जैतपुर के गौसपुर गांव में वर्ष 2008 में चकबंदी हुई थी। गांव के नूर मोहम्मद की गैर मौजूदगी में कुछ लोगों ने उन्हें मृत दर्शा कर उनकी पैत्रक जमीन और आवास हड़प लिए थे। तीस वर्ष बाद दिल्ली से लौटे नूर मोहम्मद को फर्जीवाड़े का पता चला तो उन्होंने चकबंदी और राजस्व विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
राजस्व विभाग की टीम ने जांच के बाद नूर मोहम्मद के जिंदा होने की रिपोर्ट तहसीलदार के जरिए एसडीएम सहजनवां को भेजी थी। चकबंदी अधिकारी ने भी नूर मोहम्मद का मृत्यु प्रमाण पत्र रद्द करते हुए जमीन वापस कराने की कवायद शुरू कर दी है। एसडीएम सहजनवा सुरेश कुमार राय ने बताया कि तहसील की ओर से रिपोर्ट तैयार की गई रिपोर्ट मंडलायुक्त और जिलाधिकारी गोरखपुर को भेजी गई है, आला अधिकारी ही अब कार्रवाई का निर्णय लेंगे।