जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों पर गौर किया जाए तो कोई ऐसा विधानसभा क्षेत्र नहीं है जहां सपा से तीन से चार उम्मीदवार टिकट नहीं मांग रहे हों। उदाहरण के तौर पर बरहज विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांगने वालों की संख्या पांच से अधिक है। इनमें संक्रमण के दौर में एक नेता मरीजों को भर्ती कराने में अहम भूमिका निभाई लेकिन ब्लॉक प्रमुख चुनाव में वह चुप्पी साध गए हैं। देवरिया सदर, भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दें तो कमोवेश सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास खंडों में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में विधानसभा टिकट के दावेदार चुप्पी मार बैठे हैं।
अधिकतर विकास खंडों पर सपा ने फहराया था परचम
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व सांसद रमाशंकर विद्यार्थी का कहना है कि पिछले ब्लॉक प्रमुख चुनाव में पथरदेवा, रुद्रपुर के अलावा एक-दो और विकास खंडों को छोड़ दें तो अधिकतर विकास खंडों पर सपा ने जीत का परचम लहराया था। इनमें कुछ दलबदलू कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए भाजपा का दामन थाम लिए। इस बार भी पार्टी को मजबूती से चुनाव में उतरना चाहिए।
देवरिया जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव ने कहा कि चुनाव अभी घोषित नहीं हुआ है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सत्ता के बल पर प्रशासन सपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने एवं फर्जी केस दर्ज करने में जुटा है। कुछ विकास खंडों में उम्मीदवारों के नाम अभी नहीं आए हैं। लेकिन सपा का प्रयास सभी विकास खंडों में चुनाव लड़ाने का है।