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Exclusive: सपा का दावा 2022 में सरकार बनाने का, यहां ढूंढे नहीं मिल रहे प्रत्याशी

Fri, 04 Jun 2021 03:11 PM IST
vivek shukla विनोद कुमार तिवारी, देवरिया।

सार

वर्तमान में दो तिहाई विकास खंडों में सपा के ब्लाक प्रमुख, फिर भी प्रत्याशियों का टोटा
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सपा के राष्ट्रीय अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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देवरिया में पंचायत चुनाव में परचम लहराने वाली समाजवादी पार्टी को जिले के कई विकास खंडों में ब्लॉक प्रमुख का उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। पार्टी से विधानसभा का चुनाव लड़ने का दावा करने वाले अधिकतर नेता अपने घरों में क्वारंटीन हो गए हैं। यह स्थिति तब है जब अधिकतर क्षेत्र पंचायत सदस्य समाजवादी पार्टी की विचारधारा वाले जीतें हैं। प्रश्न यह है कि वर्ष 2022 में प्रदेश में सरकार बनाने का सपना सपा का क्या ऐसे ही साकार हो पाएगा।

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आंकड़ों के मुताबिक, जिले के 16 विकास खंडों में 1365 क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। वैसे तो किसी दल ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया था, लेकिन सपा की नीतियों में विश्वास करने वाले अधिकतर सदस्य चुनाव जीते हैं। जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों से सपा के संभावित दावेदार होम क्वारंटीन हो गए हैं।

पंचायत का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव ब्लॉक प्रमुख का होता है। जिसकी अहम भूमिका विधानसभा चुनाव में होती है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए पिछली बार सपा में होड़ मची थी। दो से तीन विकास खंडों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर ब्लॉक प्रमुख सपा समर्थित ही जीते थे। उनमें कई नेताओं के पुत्र एवं उनके परिवार के सदस्य भी थे।
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वर्ष 2021 के ब्लॉक प्रमुख चुनाव में पार्टी उम्मीदवार खोज रही है। लेकिन कोई सपा से लड़ने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा है। बरहज, भलुअनी, भागलपुर, लार, पथरदेवा, तरकुलवा, रुद्रपुर, बनकटा, रामपुर कारखाना, सलेमपुर, देसही देवरिया आदि विकास खंडों में कोई मजबूत दावेदार सामने नहीं आ सका है। कोई सत्ता का भय बता रहा है तो कोई आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कहकर चुनाव लड़ने से मना कर दे रहा है।  
 

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आखिर क्यों क्वारंटीन हो गए संभावित दावेदार

जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों पर गौर किया जाए तो कोई ऐसा विधानसभा क्षेत्र नहीं है जहां सपा से तीन से चार उम्मीदवार टिकट नहीं मांग रहे हों। उदाहरण के तौर पर बरहज विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांगने वालों की संख्या पांच से अधिक है। इनमें संक्रमण के दौर में एक नेता मरीजों को भर्ती कराने में अहम भूमिका निभाई लेकिन ब्लॉक प्रमुख चुनाव में वह चुप्पी साध गए हैं। देवरिया सदर, भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दें तो कमोवेश सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास खंडों में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में विधानसभा टिकट के दावेदार चुप्पी मार बैठे हैं।

अधिकतर विकास खंडों पर सपा ने फहराया था परचम
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व सांसद रमाशंकर विद्यार्थी का कहना है कि पिछले ब्लॉक प्रमुख चुनाव में पथरदेवा, रुद्रपुर के अलावा एक-दो और विकास खंडों को छोड़ दें तो अधिकतर विकास खंडों पर सपा ने जीत का परचम लहराया था। इनमें कुछ दलबदलू कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए भाजपा का दामन थाम लिए। इस बार भी पार्टी को मजबूती से चुनाव में उतरना चाहिए।

देवरिया जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव ने कहा कि चुनाव अभी घोषित नहीं हुआ है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सत्ता के बल पर प्रशासन सपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने एवं फर्जी केस दर्ज करने में जुटा है। कुछ विकास खंडों में उम्मीदवारों के नाम अभी नहीं आए हैं। लेकिन सपा का प्रयास सभी विकास खंडों में चुनाव लड़ाने का है। 
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